शालिमार एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी, रेलवे मेडिकल टीम ने कराई सुरक्षित डिलीवरी
अमलनेर। शालिमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की जान रेलवे मेडिकल टीम की तत्परता से बच गई। ट्रेन से इमरजेंसी कॉल मिलने के बाद अमलनेर हेल्थ यूनिट की रेलवे मेडिकल टीम ने तुरंत कार्रवाई की और स्टेशन पहुंचते ही महिला की जांच कर सुरक्षित प्रसव कराया।
यह घटना उस समय हुई, जब झारखंड के देवघर जिले की रहने वाली 25 वर्षीय यात्री आशा कुमारी राय शालिमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस से यात्रा कर रही थीं। वह सुरेंद्रनगर से टाटानगर जा रही थीं। सफर के दौरान अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होती देख ट्रेन से रेलवे को इमरजेंसी सूचना भेजी गई।
इमरजेंसी संदेश मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। अमलनेर हेल्थ यूनिट की मेडिकल टीम को तत्काल तैयार किया गया और ट्रेन के अमलनेर स्टेशन पहुंचने से पहले ही आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गईं। सुबह करीब 5:20 बजे ट्रेन स्टेशन पहुंची, जहां डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत महिला की जांच शुरू की।
जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि महिला प्रसव के दूसरे चरण यानी एक्टिव स्टेज में पहुंच चुकी थीं। ऐसे में बिना समय गंवाए रेलवे मेडिकल टीम ने स्टेशन पर ही सुरक्षित डिलीवरी कराने का फैसला लिया।
मेडिकल टीम के प्रयासों से महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के दौरान डॉक्टरों और कर्मचारियों ने पूरी सावधानी बरती और मां व बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। डिलीवरी के बाद भी मेडिकल टीम ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कीं।
टीम ने नवजात की गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) को सुरक्षित तरीके से क्लैंप और कट किया। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि प्लेसेंटा बिना किसी परेशानी के बाहर आ जाए और महिला की स्थिति सामान्य बनी रहे।
प्रसव के बाद डॉक्टरों ने मां और बच्चे दोनों की स्वास्थ्य जांच की। दोनों की हालत सामान्य पाए जाने के बाद ही उन्हें आगे के इलाज और देखभाल के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि समय पर मिली सूचना और मेडिकल टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण यह सफल ऑपरेशन संभव हो सका। यदि कुछ देर और होती तो महिला और नवजात के लिए स्थिति मुश्किल हो सकती थी।
रेलवे की मेडिकल सेवाएं यात्रियों की आपात स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ट्रेन यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए रेलवे ने कई स्टेशनों पर मेडिकल यूनिट और आपात सहायता व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
अमलनेर स्टेशन पर हुई इस घटना ने रेलवे कर्मचारियों और मेडिकल टीम की तत्परता को एक बार फिर साबित किया है। यात्रियों ने भी रेलवे टीम के इस प्रयास की सराहना की है।
मां और बच्चे को सुरक्षित बचाने वाली इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने मेडिकल टीम के सदस्यों की सराहना की। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और जरूरत के समय तत्काल सहायता उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है।
रेलवे यात्रा के दौरान प्रसव जैसी आपात स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि सीमित संसाधनों और समय के बीच निर्णय लेना पड़ता है। ऐसे में अमलनेर मेडिकल टीम ने बेहतर समन्वय और अनुभव के साथ जिम्मेदारी निभाई।
आशा कुमारी राय और उनके नवजात बच्चे के लिए यह सफर जीवन भर याद रहने वाला बन गया। एक ओर जहां यात्रा के दौरान अचानक आई परेशानी ने परिवार को चिंता में डाल दिया था, वहीं रेलवे टीम की मदद से यह सफर खुशी के पल में बदल गया।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि आपात परिस्थितियों में रेलवे की मेडिकल सेवाएं यात्रियों के लिए कितनी महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। समय पर मिली मदद और डॉक्टरों की तत्परता से मां और बच्चे दोनों सुरक्षित रहे।