₹160 करोड़ के कथित शलार्थ ID घोटाले में BJP नेता संजय गरुड़ हिरासत में, SIT कर रही जांच
नासिक : महाराष्ट्र में सामने आए कथित ₹160 करोड़ के फर्जी 'शलार्थ ID' घोटाले की जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है। नासिक शहर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जलगांव जिले के जामनेर तालुका स्थित शेंदुर्नी से शिक्षा ट्रस्ट के प्रमुख और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता संजय गरुड़ को हिरासत में लिया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, संजय गरुड़ को सोमवार को सतारा जिले के फलटन से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद SIT की टीम उन्हें आगे की पूछताछ और जांच के लिए नासिक लेकर आई। माना जा रहा है कि पुलिस उन्हें अदालत में पेश कर सकती है और मामले में कस्टोडियल रिमांड की मांग कर सकती है।
तकनीकी निगरानी से मिली आरोपी की जानकारी
जांचकर्ताओं के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद से संजय गरुड़ लगातार अपनी जगह बदल रहे थे। SIT ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय जानकारी के आधार पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और आखिरकार उन्हें खोज निकाला।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
177 शलार्थ ID एक ही दिन में बनने का दावा
जांच के दौरान SIT को कथित तौर पर पता चला कि संजय गरुड़ के शिक्षण संस्थानों में काम करने वाले शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की 177 'शलार्थ ID' एक ही दिन में बनाई गई थीं।
जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में ID एक ही समय पर कैसे तैयार हुईं और क्या इनका इस्तेमाल सरकारी वेतन या अन्य आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए किया गया।
अधिकारियों को संदेह है कि अगर ये ID फर्जी तरीके से बनाई गई थीं, तो इनके जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया हो सकता है।
क्या है शलार्थ ID?
महाराष्ट्र में शलार्थ ID शिक्षा विभाग से जुड़ी एक ऑनलाइन पहचान प्रणाली है, जिसका इस्तेमाल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों से संबंधित जानकारी दर्ज करने तथा वेतन प्रक्रिया से जुड़े कामों के लिए किया जाता है।
शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं में यह ID महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि इसके जरिए कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से संचालित किया जाता है।
इसी व्यवस्था में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है।
शिक्षा संस्थानों और वित्तीय लेनदेन की जांच
SIT अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी ID तैयार करने में किन लोगों की भूमिका रही। जांच का दायरा केवल ID बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन ID के जरिए किसी तरह का वित्तीय लाभ लिया गया या नहीं।
जांच एजेंसी शिक्षा संस्थानों के रिकॉर्ड, कर्मचारियों की जानकारी और वेतन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
बड़े पैमाने पर कथित धोखाधड़ी का आरोप
₹160 करोड़ के कथित घोटाले ने महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और गलत तरीके से बनाई गई शलार्थ ID के माध्यम से सरकारी धन का लाभ उठाने की कोशिश की गई।
हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कथित अनियमितताओं में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर गड़बड़ी हुई।
आगे की कार्रवाई पर नजर
संजय गरुड़ की हिरासत के बाद अब SIT उनसे पूछताछ करेगी। पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि कथित शलार्थ ID बनाने की प्रक्रिया में उनकी क्या भूमिका थी और इस पूरे मामले में अन्य कौन लोग शामिल हैं।
अदालत में पेशी के बाद पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा स्पष्ट होगी। फिलहाल SIT मामले से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई है।