भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढही, आठ लोगों की मौत

Update: 2026-07-31 04:51 GMT

ठाणे (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी इलाके में गुरुवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। गंगाराम वाडी के तवरे कंपाउंड में स्थित चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के लिए बड़े स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुरुवार रात करीब 11:30 बजे हुआ। अचानक इमारत का एक हिस्सा गिरने से आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। तेज आवाज के साथ इमारत का हिस्सा गिरा, जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। घटना की सूचना तुरंत प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को दी गई।

भिवंडी-निजामपुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BNMC), ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (TDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों को तलाशने में जुटे हुए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, मलबे में दबे लोगों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। बचाव अभियान के दौरान सावधानी बरती जा रही है, क्योंकि इमारत का शेष हिस्सा भी कमजोर हो सकता है। राहत कर्मी लगातार मलबे को हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं।

भिवंडी को पावरलूम उद्योग और वेयरहाउसिंग हब के रूप में जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में मजदूर और कामगार रहते हैं। इलाके में कई पुरानी और घनी आबादी वाली इमारतें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं। ऐसे में इमारत गिरने की घटनाएं पहले भी चिंता का विषय रही हैं।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया है। लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की गई है, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत गिरने के बाद कई परिवारों के लोग अपने परिजनों की तलाश में मौके पर पहुंचे। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

महाराष्ट्र में मानसून के दौरान पुरानी और कमजोर इमारतों के गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। भारी बारिश के कारण कई बार इमारतों की संरचना कमजोर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन समय-समय पर जर्जर इमारतों की पहचान और उन्हें खाली कराने की कार्रवाई करता रहा है।

फिलहाल इस हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की जांच करेंगे कि इमारत की स्थिति कैसी थी और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

ठाणे जिला प्रशासन ने कहा है कि बचाव अभियान को प्राथमिकता के आधार पर चलाया जा रहा है। घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस और स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया गया है। मलबे से निकाले गए लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।

एनडीआरएफ और अन्य आपदा राहत टीमों के जवान लगातार काम कर रहे हैं। रात के समय हुए इस हादसे के कारण बचाव अभियान में चुनौतियां भी आ रही हैं, लेकिन टीमें पूरी सतर्कता के साथ लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी हैं।

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है। वहीं, इलाके के लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुरानी और कमजोर इमारतों की जांच जरूरी है।

फिलहाल भिवंडी में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की नजर मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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