भोसरी के निजी अस्पताल में लड़की की मौत, परिजनों ने ओवरडोज का लगाया आरोप
पिंपरी-चिंचवड़: भोसरी के एक निजी अस्पताल में 16 वर्षीय किशोरी की सर्जरी के अगले ही दिन मौत होने से हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान सूरत निवासी दीपावली संतोष इर्चे के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि पेट में ट्यूमर की सर्जरी के बाद उसे दी गई दवा की कथित ओवरडोज के कारण उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। परिवार ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, किशोरी के पेट में करीब 9 सेंटीमीटर का ट्यूमर था। इसी के इलाज और सर्जरी के लिए उसे 10 अगस्त की शाम करीब पांच बजे भोसरी स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार होगा और वह जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेगी। हालांकि, सर्जरी के कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अगले दिन सुबह उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मंगलवार सुबह हुई थी सर्जरी
भोसरी पुलिस के मुताबिक, दीपावली की सर्जरी मंगलवार सुबह करीब नौ बजे की गई थी। ऑपरेशन के बाद चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। बुधवार सुबह उसकी मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया।
मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया। परिवार का कहना है कि सर्जरी के बाद लड़की को दवाएं दी गईं और उन्हें संदेह है कि दवा की अधिक मात्रा दिए जाने के कारण उसकी हालत बिगड़ी। हालांकि, यह आरोप अभी परिवार की शिकायत और दावे तक सीमित हैं। मौत की वास्तविक वजह जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग
किशोरी की मौत के बाद परिजनों ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उचित सावधानी नहीं बरती गई। परिवार ने यह भी दावा किया कि मौत के बाद उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया और पहले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर जोर दिया।
परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव स्वीकार नहीं करेंगे। घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी तनाव की स्थिति बन गई। परिवार के सदस्यों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस पर शिकायत नहीं लेने का आरोप
परिजनों ने भोसरी पुलिस पर शुरुआती स्तर पर उनकी शिकायत दर्ज नहीं करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने लड़की की मौत को लेकर डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में पुलिस ने उनकी शिकायत लेने में रुचि नहीं दिखाई।
परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों को लेकर पुलिस का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। पुलिस ने मामले की परिस्थितियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच के दौरान अस्पताल में भर्ती किए जाने से लेकर सर्जरी, ऑपरेशन के बाद दिए गए उपचार और मौत तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटाई जा सकती है।
पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
किशोरी की मौत के मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि उसकी मौत किस वजह से हुई। परिजनों ने दवा की कथित ओवरडोज का आरोप लगाया है, लेकिन केवल आरोप के आधार पर मौत की वजह तय नहीं की जा सकती। चिकित्सकीय रिकॉर्ड, ऑपरेशन से संबंधित दस्तावेज, दी गई दवाओं का विवरण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
यदि पोस्टमार्टम या अन्य चिकित्सकीय जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि मौत किसी चिकित्सकीय जटिलता के कारण हुई है तो जांच में उसकी भी पुष्टि हो सकेगी।
अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में
घटना के बाद अस्पताल में किशोरी के इलाज से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की आवश्यकता सामने आ रही है। भर्ती के समय उसकी चिकित्सकीय स्थिति क्या थी, ट्यूमर की स्थिति कितनी गंभीर थी, ऑपरेशन के दौरान कोई जटिलता हुई या नहीं और सर्जरी के बाद उसे कौन-कौन सी दवाएं किस मात्रा में दी गईं—इन सभी सवालों के जवाब जांच में महत्वपूर्ण होंगे।
परिजनों के आरोपों के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से भी इलाज और सर्जरी से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाना अहम होगा। मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत प्राकृतिक चिकित्सकीय जटिलता के कारण हुई या इलाज में किसी तरह की लापरवाही अथवा दवा संबंधी गलती हुई।
16 साल की बेटी की मौत से परिवार सदमे में
दीपावली इर्चे की उम्र महज 16 साल थी। परिवार के लिए बेटी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना और अगले ही दिन उसकी मौत की खबर मिलना बेहद सदमे वाला घटनाक्रम है। परिवार अब मौत की वास्तविक वजह जानना चाहता है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
फिलहाल भोसरी पुलिस मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। परिवार द्वारा लगाए गए दवा की ओवरडोज और चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच, अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस मामले में आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।