Maharashtra : हॉस्टल का खाना खाने के बाद 40 छात्र बीमार, 25 अस्पताल में भर्ती

Update: 2026-07-12 04:42 GMT

Maharashtra महाराष्ट्र: नंदुरबार जिले में स्थित सामाजिक कल्याण विभाग के छात्रावास (सोशल वेलफेयर हॉस्टल) में कथित तौर पर खाना खाने के बाद 40 छात्र बीमार पड़ गए। घटना के बाद छात्रावास और प्रशासन में हड़कंप मच गया। बीमार छात्रों में से 25 की हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य छात्रों का प्राथमिक उपचार किया गया। सभी छात्रों की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

यह घटना नंदुरबार जिले के शहादा स्थित सामाजिक कल्याण विभाग के छात्रावास की है। जानकारी के अनुसार, छात्रावास में भोजन करने के कुछ समय बाद कई छात्रों ने पेट दर्द, उल्टी, मतली और बेचैनी की शिकायत की। देखते ही देखते छात्रों की संख्या बढ़ने लगी, जिसके बाद छात्रावास प्रशासन ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।

सूचना मिलते ही मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और सभी प्रभावित छात्रों की जांच शुरू की। जिन छात्रों में लक्षण अधिक गंभीर पाए गए, उन्हें तत्काल शहादा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य छात्रों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाएं दी गईं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद नंदुरबार की जिला मजिस्ट्रेट मिताली सेठी स्वयं शनिवार को अस्पताल पहुंचीं और भर्ती छात्रों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी छात्रों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मीडिया से बातचीत में जिला मजिस्ट्रेट मिताली सेठी ने बताया कि शहादा स्थित सामाजिक कल्याण विभाग के छात्रावास में 40 बच्चों में फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस जैसे लक्षण पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर 25 छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी छात्रों की भी लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा, "शहादा में हमारे सोशल वेलफेयर हॉस्टल के 40 बच्चों में फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस के लक्षण सामने आए हैं। इनमें से 25 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।"

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अधिकांश छात्रों की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें आवश्यक दवाएं तथा तरल पदार्थ दिए जा रहे हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार सभी मरीजों की निगरानी कर रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने के कारण स्थिति नियंत्रण में है।

घटना के बाद प्रशासन ने छात्रावास में परोसे गए भोजन की जांच शुरू कर दी है। खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्रों के बीमार होने का वास्तविक कारण क्या था। साथ ही छात्रावास की रसोई, भोजन भंडारण व्यवस्था और साफ-सफाई की भी जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रों के बीमार होने की वजह भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी या कोई अन्य कारण। फिलहाल एहतियात के तौर पर छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

प्रशासन ने सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद छात्रों के अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सभी बच्चों का समुचित इलाज कराया जा रहा है और किसी भी छात्र की स्थिति गंभीर नहीं है। अस्पताल में डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम तैनात की गई है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सामूहिक भोजन के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने की स्थिति में भोजन की गुणवत्ता, पानी की स्वच्छता और खाद्य सामग्री के रखरखाव की जांच बेहद जरूरी होती है। ऐसे मामलों में समय पर उपचार और जांच से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

फिलहाल सभी प्रभावित छात्रों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों का खुलासा किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

 

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