CSMRDA की बड़ी राहत, 90% छूट के साथ अनधिकृत निर्माण नियमित कराने का अंतिम मौका
छत्रपति संभाजीनगर : छत्रपति संभाजीनगर मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी (CSMRDA) ने अनधिकृत निर्माणों को वैध कराने के इच्छुक संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत देते हुए 'गुंठेवारी रेगुलराइजेशन स्कीम' के तहत विशेष छूट की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत पात्र संपत्ति मालिकों को 'बेटरमेंट चार्ज' (सुधार शुल्क) का केवल 10 प्रतिशत ही जमा करना होगा, जबकि शेष 90 प्रतिशत शुल्क में छूट दी जाएगी। यह विशेष रियायत केवल 31 जुलाई तक ही उपलब्ध रहेगी और इसके बाद योजना की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।
CSMRDA ने स्पष्ट किया है कि यह योजना नागरिकों को अपने अनधिकृत निर्माणों को कानूनी रूप से नियमित कराने का अंतिम अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। अधिकारियों ने सभी पात्र संपत्ति धारकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं।
कमिश्नर ने समय रहते आवेदन करने की अपील की
CSMRDA के आयुक्त एवं संभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने गुरुवार को प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान योजना की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के संबंध में अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि पात्र नागरिक इस अवसर का लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि 31 जुलाई के बाद किसी भी परिस्थिति में योजना की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। इसलिए जिन संपत्ति मालिकों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, वे जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें।
क्या है गुंठेवारी रेगुलराइजेशन स्कीम?
गुंठेवारी रेगुलराइजेशन स्कीम का उद्देश्य ऐसे भूखंडों और निर्माणों को नियमित करना है, जो बिना आवश्यक स्वीकृति या निर्धारित विकास नियमों का पालन किए विकसित किए गए हैं। इस योजना के तहत पात्र संपत्ति मालिक निर्धारित शर्तों को पूरा कर अपने निर्माण को वैध दर्जा दिला सकते हैं।
इस प्रक्रिया के तहत प्राधिकरण द्वारा निर्धारित बेटरमेंट चार्ज जमा करना होता है। यह शुल्क मूलभूत शहरी सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए लिया जाता है। मौजूदा विशेष छूट के तहत अब संपत्ति मालिकों को इस शुल्क का केवल 10 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा।
नागरिकों को मिलेगा कानूनी संरक्षण
अधिकारियों का कहना है कि निर्माण नियमित होने के बाद संपत्ति मालिकों को कई प्रकार की प्रशासनिक और कानूनी सुविधाएं प्राप्त होंगी। नियमित संपत्तियों को भविष्य में भवन अनुमति, जलापूर्ति, बिजली, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में आसानी होगी।
इसके अलावा, नियमितीकरण से संपत्ति की खरीद-बिक्री, बैंक ऋण प्राप्त करने और सरकारी रिकॉर्ड में संपत्ति दर्ज कराने जैसी प्रक्रियाएं भी सरल हो जाएंगी।
समीक्षा बैठक में हुई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा
गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में CSMRDA के विभिन्न विकास कार्यों और प्रशासनिक योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में मेट्रोपॉलिटन प्लानर हर्षल बाविस्कर, उप आयुक्त (प्रशासन) लखीचंद चव्हाण तथा लेखा अधिकारी विकास काकड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने नियमितीकरण योजना की प्रगति, प्राप्त आवेदनों, लंबित मामलों तथा जनजागरूकता अभियान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
क्यों जरूरी है नियमितीकरण?
शहरी क्षेत्रों के तेजी से विस्तार के कारण कई स्थानों पर बिना अनुमति या अधूरी औपचारिकताओं के निर्माण किए गए हैं। ऐसे निर्माण भविष्य में कानूनी विवादों, आधारभूत सुविधाओं की कमी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा बनते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमितीकरण योजनाएं न केवल नागरिकों को कानूनी राहत देती हैं, बल्कि शहरी नियोजन को व्यवस्थित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे प्रशासन के पास संपत्तियों का सही रिकॉर्ड उपलब्ध होता है और विकास कार्यों की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकती है।
अंतिम तिथि को लेकर सख्त रुख
CSMRDA ने दोहराया है कि 31 जुलाई के बाद किसी प्रकार का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। इसलिए जिन संपत्ति मालिकों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि योजना का लाभ केवल उन्हीं मामलों में मिलेगा जो निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के अंतर्गत आते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर आवेदन करें। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए CSMRDA कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
फिलहाल, यह योजना उन हजारों संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है जो वर्षों से अपने अनधिकृत निर्माणों को नियमित कराने की प्रतीक्षा कर रहे थे। 90 प्रतिशत शुल्क छूट के साथ यह अवसर सीमित अवधि के लिए उपलब्ध है और इसके समाप्त होने के बाद सामान्य नियम लागू हो जाएंगे।