मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग और हत्या के प्रयास के मामले में मुंबई पुलिस की जांच तेज हो गई है। मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने तीन आरोपियों को 28 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों की पहचान अंकित खटक, समीर खत्री और जतिन पांचाल के रूप में हुई है। तीनों को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया था। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल मामले की जांच कर रही है। पुलिस का आरोप है कि तीनों ने हमले की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
तीनों आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश
पुलिस ने तीनों आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए हिरासत की मांग की। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों से पूछा कि क्या उन्हें पुलिस से किसी प्रकार की शिकायत है।तीनों आरोपियों ने अदालत को बताया कि उन्हें पुलिस से कोई शिकायत नहीं हैजांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों की भूमिका केवल हमले से जुड़े संपर्कों तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे कथित साजिश के अलग-अलग चरणों में शामिल थे।पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बीच संपर्क और उनकी गतिविधियों की विस्तृत जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
रेकी और हथियार उपलब्ध कराने का आरोप
जांच अधिकारी ने अदालत में बताया कि आरोपी अंकित कथित तौर पर रेकी करने के उद्देश्य से मुंबई आया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने किन स्थानों का निरीक्षण किया और इस दौरान किन लोगों से संपर्क किया।दूसरे आरोपी समीर खत्री को लेकर पुलिस ने दावा किया कि वह वांछित आरोपी अनिल पंडित के सीधे संपर्क में था।वहीं, तीसरे आरोपी जतिन पांचाल पर हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है।पुलिस का कहना है कि इन सभी आरोपियों की भूमिका और आपसी संबंधों की जांच करके साजिश की पूरी कड़ी का पता लगाया जाएगा। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
सरकारी वकील ने मांगी 31 अक्टूबर तक रिमांड
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील क्रांति कुंभार ने अदालत से आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने की मांग कीअभियोजन पक्ष ने कहा कि इस मामले से जुड़े कई वांछित आरोपी महाराष्ट्र के बाहर मौजूद हैं। उनकी तलाश और जांच के लिए पुलिस को दूसरे राज्यों में जाना पड़ सकता है।सरकारी वकील ने तर्क दिया कि यह मामला एक कथित आपराधिक साजिश से जुड़ा है, जिसकी गहराई से जांच करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि कम अवधि की पुलिस हिरासत से जांच के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
CCTV फुटेज और होटल रजिस्टर बने अहम सबूत
पुलिस ने अदालत को बताया कि जांचकर्ताओं को घटना से जुड़े कई तकनीकी साक्ष्य मिले हैं।इनमें घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और उस होटल का फुटेज शामिल है, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर फायरिंग का अभ्यास किया था।अभियोजन पक्ष के अनुसार, होटल का रजिस्टर भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस इन दस्तावेजों और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि घटना से पहले और बाद में आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे।
बचाव पक्ष ने पुलिस रिमांड का किया विरोध
आरोपियों की ओर से पेश वकील अजिंक्य मिरगल ने अतिरिक्त पुलिस हिरासत का विरोध किया।बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पुलिस पहले ही आवश्यक बरामदगी कर चुकी है और आरोपियों को लंबे समय तक हिरासत में रखने का पर्याप्त आधार नहीं है।वकील ने अदालत से आरोपियों को पुलिस हिरासत के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की।हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग
यह मामला 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी से संबंधित है।जांच के अनुसार, दो हमलावरों ने अभिनेता की कार पर कई राउंड फायरिंग की थी। घटना में अभिनेता को गंभीर चोट नहीं आई, जबकि उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना थीपुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इससे पहले गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
अनिल पंडित की भूमिका की जांच
मुंबई पुलिस ने कथित गैंगस्टर अनिल पंडित को मामले में वांछित आरोपी बताया है। जांच एजेंसियां उसकी भूमिका और अन्य आरोपियों से संपर्क की पड़ताल कर रही हैं।पुलिस अब हथियारों की आपूर्ति, आरोपियों की आवाजाही, तकनीकी साक्ष्यों और कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।इस मामले में अब तक दस लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। आगे की जांच में साजिश के उद्देश्य और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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