नई दिल्ली। भारत और इटली के बीच रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने इटली की नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल ग्यूसेप बेरुत्ती बेरगोट्टो से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग बढ़ाने, संयुक्त अभ्यासों का विस्तार करने, समुद्री सुरक्षा की साझा चुनौतियों से निपटने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया स्वागत
भारत की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे इतालवी नौसेना प्रमुख एडमिरल ग्यूसेप बेरुत्ती बेरगोट्टो का नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक लॉन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने अपने इतालवी समकक्ष का स्वागत किया। इसके बाद दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई।बैठक में दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच नियमित संपर्क और सहयोग को अधिक व्यवस्थित तथा संस्थागत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बढ़ाने पर चर्चा
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि बैठक में द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास और स्टाफ स्तर की बातचीत को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित सैन्य अभ्यासों से नौसेनाओं की परिचालन क्षमता और आपसी तालमेल बेहतर बनाया जा सकता है।इसके अलावा समुद्र में विभिन्न परिस्थितियों के दौरान एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने पर भी विचार किया गया।सैन्य अधिकारियों के बीच नियमित संवाद, परिचालन अनुभवों का आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इस सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
समुद्री सुरक्षा पर साझा रणनीति बनाने पर जोर
बैठक के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गईदोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा की साझा प्राथमिकताओं पर बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता जताई।भारत और इटली अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार तथा सुरक्षित समुद्री मार्गों को महत्वपूर्ण मानते हैं। ऐसे में नौसेनाओं के बीच बेहतर समन्वय से समुद्री सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल सकती है।बैठक में समुद्री संवाद को मजबूत करने के साथ दोनों नौसेनाओं की एक साथ अभियान संचालित करने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों पर सहयोग
दोनों नौसेना प्रमुखों के बीच पेशेवर प्रशिक्षण और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर भी बातचीत हुई।इस पहल का उद्देश्य भारतीय और इतालवी नौसैनिक कर्मियों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने के अवसर प्रदान करना है।नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और पेशेवर संवाद के माध्यम से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच बेहतर समझ विकसित होने की उम्मीद है।इससे भविष्य में संयुक्त समुद्री अभियानों और अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गतिविधियों में सहयोग को और मजबूत किया जा सकेगा।
मुंबई पहुंचा इटली का आधुनिक युद्धपोत
इस उच्चस्तरीय बैठक से पहले इतालवी नौसेना का बहुउद्देश्यीय युद्धपोत 'जियोवानी डेले बैंडे नेरे' मुंबई पहुंचा था।यह जहाज हिंद-प्रशांत क्षेत्र में इटली की परिचालन तैनाती का हिस्सा है। जहाज की मुंबई यात्रा नौसैनिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्धारित की गई थी।मुंबई में इटली के महावाणिज्य दूत वाल्टर फेरारा ने युद्धपोत का स्वागत किया। इस दौरान रक्षा उद्योग और नौसैनिक सहयोग से जुड़ी गतिविधियों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया।जहाज की इस यात्रा को भारत और इटली के बीच बढ़ते समुद्री संपर्कों का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा
भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत रक्षा सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच नियमित अभ्यास, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय बैठकों के माध्यम से संबंधों को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।नई दिल्ली में आयोजित यह बैठक दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा संबंधी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का अवसर बनी।माना जा रहा है कि इस बातचीत से भविष्य में संयुक्त नौसैनिक गतिविधियों, परिचालन समन्वय और समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई गति मिल सकती है।