मुंबई कुर्ला भूस्खलन हादसा: छह लोगों की मौत के बाद सचिन अहीर ने लिया जायजा
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला इलाके में हुए दर्दनाक भूस्खलन हादसे के बाद प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। महाराष्ट्र विधान परिषद के उप-सभापति सचिन अहीर ने बुधवार को कुर्ला के चिराग नगर स्थित गौसिया चाल के पास उस स्थान का दौरा किया, जहां भूस्खलन की घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी।
सचिन अहीर जब घटनास्थल पर पहुंचे, उस समय भी बचाव अभियान जारी था। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और राहत टीमों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सचिन अहीर ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय हो गई थीं। राहत और बचाव कार्य को तुरंत शुरू किया गया ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
जानकारी के मुताबिक, कुर्ला के चिराग नगर इलाके में गौसिया चाल के पास अचानक हुए भूस्खलन से कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे।
बचाव टीमों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान कई लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन हादसे में छह लोगों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
सचिन अहीर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों के साथ-साथ पीड़ित परिवारों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में मानसून के दौरान भूस्खलन और इमारतों से जुड़े हादसों का खतरा बढ़ जाता है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जमीन कमजोर हो जाती है, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। प्रशासन ऐसे संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है।
कुर्ला क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने आसपास के इलाकों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं अन्य स्थानों पर भी ऐसी स्थिति तो नहीं बन रही है।
फायर ब्रिगेड और बचाव दलों ने घटनास्थल पर काफी समय तक अभियान चलाया। राहत कर्मियों ने मलबे को हटाकर प्रभावित लोगों की तलाश की। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की और प्रशासन के साथ सहयोग किया।
इस हादसे ने एक बार फिर मुंबई में मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कमजोर ढांचों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल भारी बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव, इमारत गिरने और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आती हैं।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न हो और प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सचिन अहीर ने कहा कि इस मुश्किल समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने राहत और बचाव कार्य में जुटी सभी एजेंसियों की सराहना की और कहा कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
फिलहाल कुर्ला भूस्खलन मामले में राहत कार्य जारी है। प्रशासन घटना के कारणों की भी जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।