आश्रम स्कूल में सांप काटने से तीन छात्राओं की मौत NHRC ने महाराष्ट्र सरकार से मांगी रिपोर्ट
मुंबई: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के एक आश्रम-शाला स्कूल में सांप काटने की दर्दनाक घटना को लेकर नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मीडिया रिपोर्टों के आधार पर NHRC ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जनजाति समुदाय की छह छात्राओं को आश्रम स्कूल के हॉस्टल में सांप ने काट लिया था। इस घटना में तीन छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
NHRC ने कहा है कि इस तरह की घटना छात्रों की सुरक्षा और संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। आयोग ने राज्य सरकार से घटना की पूरी जानकारी, पीड़ित छात्राओं के इलाज और हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
जानकारी के अनुसार, घटना गढ़चिरौली जिले के एक आश्रम-शाला स्कूल की है, जहां आदिवासी समुदाय के छात्र-छात्राएं रहकर पढ़ाई करते हैं। आश्रम स्कूलों में दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले बच्चों के रहने और शिक्षा की व्यवस्था की जाती है।
बताया जा रहा है कि हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को अचानक सांप ने काट लिया। घटना के बाद स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान तीन छात्राओं की मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मृत छात्राओं के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं, स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
NHRC ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने यह जानना चाहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
आयोग ने छात्राओं की सुरक्षा, हॉस्टल की साफ-सफाई, भवन की स्थिति और आपातकालीन व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी मांगी है।
आश्रम स्कूलों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा पहले भी कई बार चर्चा का विषय रही है। दूरदराज के इलाकों में स्थित इन स्कूलों में कई बार बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हॉस्टल परिसर में नियमित साफ-सफाई, घास और झाड़ियों की कटाई, सांपों से बचाव के उपाय और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था होना जरूरी है।
इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा उपायों की समीक्षा किए जाने की संभावना है। स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
NHRC ने कहा है कि बच्चों के जीवन और सुरक्षा की रक्षा करना सरकार और संबंधित संस्थानों की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल महाराष्ट्र सरकार को NHRC के नोटिस का जवाब देना है। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।
गढ़चिरौली की इस घटना ने एक बार फिर आश्रम स्कूलों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और NHRC की आगे की कार्रवाई पर है।