नांदेड़ :  शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार निहंग जसपाल सिंह ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला दावा किया है। आरोपी ने कथित रूप से कहा कि उसे ऐसा करने का आदेश वाहेगुरु से मिला था। पुलिस उसके बयान की सत्यता और हमले के वास्तविक कारण की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, जसपाल सिंह ने पूछताछ में दावा किया कि वह महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक गुरुद्वारे में प्रार्थना कर रहा था। इसी दौरान उसे कथित रूप से सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने का आदेश मिला। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के इस दावे की जांच की जा रही है और अभी हमले का सटीक उद्देश्य सामने नहीं आया है।
यह घटना गुरुवार को नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुगट में हुई थी। सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में दर्शन के बाद सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे। इसी दौरान वहां अपने तीन साथियों के साथ खड़े जसपाल सिंह ने कथित रूप से कृपाण से उन पर हमला कर दिया। हमले में बादल के दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई।
घटना के समय वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद जसपाल सिंह को पूछताछ के लिए नांदेड़ पुलिस थाने ले जाया गया। पुलिस उसके साथ मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को अपने निजी जीवन के बारे में भी जानकारी दी। उसके मुताबिक उसने वर्ष 2023 में सांसारिक जीवन छोड़ दिया था। वह पुणे में रह रही अपनी पत्नी और बेटी को छोड़कर नांदेड़ आ गया और यहां निहंग सेवादार के रूप में रहने लगा। पुलिस ने बताया कि जसपाल पेशे से वकील था और निहंग बनने से पहले मुंबई की एक कॉरपोरेट कंपनी में काम करता था।
हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल को तत्काल नांदेड़ के यशोसाई अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनके दाहिने हाथ पर नुकीली वस्तु से गहरा घाव हुआ था और अंदरूनी चोट भी आई थी। बादल की सर्जरी करीब 90 मिनट तक चली। प्लास्टिक सर्जन ने उनकी अल्नर धमनी और तंत्रिका से संबंधित चोट का उपचार किया।
चिकित्सकों ने सर्जरी के बाद सुखबीर बादल की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से बाहर आने के बाद वह नांदेड़ हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए, जहां से उन्हें विमान के माध्यम से पंजाब जाना था। घटना के बाद सामने आए वीडियो में बादल अपने दाहिने हाथ पर कपड़ा लपेटे अस्पताल के भीतर जाते दिखाई दिए थे।
नांदेड़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमला अचानक किया गया या इसके पीछे पहले से बनाई गई कोई योजना थी। आरोपी की कॉल डिटेल, मोबाइल फोन और हाल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। उसके तीन साथियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर भी सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने का प्रयास हुआ था। उस घटना में वह बाल बाल बच गए थे। नांदेड़ की ताजा घटना के बाद अकाली दल के नेताओं और समर्थकों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में जो दावा किया है, उसे हमले की प्रमाणित वजह नहीं माना जा सकता। जांच अधिकारी उसके मानसिक स्वास्थ्य, पुराने रिकॉर्ड, संभावित संपर्कों और गुरुद्वारे में उसकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सुखबीर सिंह बादल को निशाना बनाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
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