विवेक ओबेरॉय और माधवन पर राज ठाकरे का हमला

Update: 2026-08-02 09:41 GMT

महाराष्ट्र :  राजनीति में एक बार फिर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे अपने तीखे बयानों को लेकर चर्चा में हैं। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने वाले कुछ बॉलीवुड कलाकारों पर निशाना साधा। खास तौर पर अभिनेता विवेक ओबेरॉय और आर. माधवन का नाम लेते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उन्हें लगता है कि भारत में सब कुछ ठीक चल रहा है और मोदी सरकार बेहतरीन काम कर रही है, तो वे दुबई में क्यों रह रहे हैं। राज ठाकरे के इस बयान के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।

अपने संबोधन में राज ठाकरे ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण कई उद्योगपति और प्रभावशाली लोग देश छोड़कर विदेशों में बस रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2019 में रिलीज हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक का उल्लेख किया, जिसमें अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने मोदी की भूमिका निभाई थी। राज ठाकरे ने कहा कि जिस अभिनेता ने प्रधानमंत्री पर फिल्म बनाई और उनका किरदार निभाया, वह भी अब दुबई में रह रहा है। उन्होंने अभिनेता आर. माधवन का भी नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने भी कई मौकों पर प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक रूप से सराहना की है, लेकिन वे भी दुबई में रहते हैं।

मनसे प्रमुख ने कहा कि यदि किसी को भारत से इतना प्रेम है और उसे लगता है कि देश में सब कुछ सही दिशा में चल रहा है, तो फिर विदेश जाकर बसने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो लोग यहां सरकार की प्रशंसा करते हैं, उन्हें अपने जीवन का अधिकांश समय भी देश में ही बिताना चाहिए। राज ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग सरकार समर्थक फिल्में बनाते हैं और बाद में विदेश जाकर रहने लगते हैं, जिससे विरोधाभासी संदेश जाता है।

हालांकि, विवेक ओबेरॉय और आर. माधवन के विदेश में रहने को लेकर अलग-अलग कारण सामने आते रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवेक ओबेरॉय का दुबई में व्यवसायिक निवेश है और वह अपने कारोबारी कामकाज के सिलसिले में वहां समय बिताते हैं। वहीं अभिनेता आर. माधवन ने कोविड-19 महामारी के दौरान सार्वजनिक रूप से बताया था कि वह अपने बेटे के तैराकी करियर को बेहतर अवसर दिलाने के लिए परिवार के साथ दुबई शिफ्ट हुए थे। इस विषय पर दोनों अभिनेताओं की ओर से राज ठाकरे के ताजा बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया, जिसमें कुछ बच्चों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया था। उन्होंने इस तरह की भाषा की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी लोकतंत्र में व्यक्तिगत स्तर पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस मुद्दे पर दिए गए संदेश से वह सहमत हैं और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

हालांकि, राज ठाकरे ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों और सोशल मीडिया ट्रोल्स की भी आलोचना की। उनका कहना था कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल केवल विपक्षी दलों या प्रदर्शनकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा से जुड़े कुछ सोशल मीडिया समूह भी कई नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, ठाकरे परिवार और कई अन्य प्रसिद्ध व्यक्तियों को भी सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जाता रहा है।

राज ठाकरे ने कहा कि यदि राजनीतिक संवाद को स्वस्थ और लोकतांत्रिक बनाए रखना है तो सभी पक्षों को संयमित भाषा का प्रयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल विरोधियों को ही नहीं, बल्कि अपने समर्थकों को भी मर्यादा में रहने की सलाह दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, समाज में सम्मानजनक संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना सभी राजनीतिक दलों और नेताओं की जिम्मेदारी है।

राज ठाकरे के इस बयान ने एक बार फिर राजनीति और मनोरंजन जगत के रिश्तों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

Tags:    

Similar News