नासिक : शहर में सड़कों पर बढ़ते गड्ढों की समस्या अब नागरिकों के बीच बड़ा मुद्दा बन गई है। शहर की खराब सड़कों, अधूरे विकास कार्यों और लोगों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को लेकर गैर-राजनीतिक नागरिक संगठन ‘आम्ही नासिककर’ ने आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने 7 अगस्त को नासिक नगर निगम (NMC) मुख्यालय का घेराव करने की घोषणा की है।

संगठन का कहना है कि शहर में लंबे समय से गड्ढों की समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे दूर करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। नागरिकों की परेशानियों को देखते हुए अब बड़े स्तर पर आंदोलन करने का फैसला लिया गया है।

NMC मुख्यालय तक निकाला जाएगा विरोध मार्च

‘आम्ही नासिककर’ की ओर से शनिवार को आयोजित बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की गई। योजना के अनुसार, 7 अगस्त को सुबह 9 बजे राजीव गांधी भवन स्थित नासिक नगर निगम मुख्यालय तक विरोध मार्च निकाला जाएगा।

संगठन के पदाधिकारियों और समर्थकों का कहना है कि यह प्रदर्शन शहर की सड़कों की स्थिति, विकास कार्यों में हो रही देरी और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ होगा।

विरोध मार्च के बाद दोपहर 3 बजे से अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की गई है। संगठन ने कहा है कि जब तक नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

अधिकारियों को घेरने की चेतावनी

संगठन ने चेतावनी दी है कि आंदोलन के दौरान नगर निगम अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान किए बिना अधिकारियों को परिसर से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।

हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब नजर इस बात पर होगी कि नगर निगम इस आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाता है।

गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाओं की आशंका

‘आम्ही नासिककर’ ने आरोप लगाया है कि शहरभर में चल रहे विकास कार्यों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह खुदी सड़कें, अधूरे काम और गड्ढों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

संगठन का कहना है कि खराब सड़कों की वजह से रोजाना आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए गड्ढे विशेष रूप से खतरनाक साबित हो रहे हैं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

नागरिक समूह ने दावा किया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण कई लोग घायल हुए हैं और कुछ मामलों में जान तक गंवानी पड़ी है।

घटिया निर्माण कार्य का लगाया आरोप

संगठन ने नगर निगम और संबंधित विभागों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि टैक्स देने वाले नागरिकों के पैसे से किए जा रहे सार्वजनिक कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

‘आम्ही नासिककर’ का आरोप है कि कई जगहों पर सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य मानकों के अनुसार नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण थोड़े समय बाद ही सड़कें खराब हो जाती हैं।

संगठन ने मांग की है कि खराब गुणवत्ता वाले कामों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

नागरिकों की सुरक्षा को बनाया मुख्य मुद्दा

संगठन ने कहा कि यह आंदोलन केवल गड्ढों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के नागरिकों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सड़कें शहर की मूलभूत सुविधाओं का हिस्सा हैं और उनकी खराब स्थिति से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।

आंदोलन को समर्थन जुटाने की तैयारी

‘आम्ही नासिककर’ अब इस आंदोलन के लिए नागरिकों से समर्थन की अपील कर रहा है। संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से प्रभावित हैं और उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए आगे आना चाहिए।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक गड्ढों, सड़क सुरक्षा और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

नासिक में गड्ढों को लेकर बढ़ता आक्रोश अब सड़क से नगर निगम तक पहुंचने वाला है। 7 अगस्त को प्रस्तावित घेराव और भूख हड़ताल के बाद शहर में प्रशासन और नागरिक समूह के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस आंदोलन से पहले नागरिकों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।

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