मुंबई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में कथित असंसदीय भाषा के प्रयोग को लेकर लोकसभा सचिवालय से नोटिस मिलने पर सियासी विवाद तेज हो गया है। शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी को ‘इडियट’ कहना असंसदीय शब्द माना जा सकता है।
राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसदों ने विशेषाधिकार हनन की शिकायत दी थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही के दौरान भाजपा समर्थकों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी से 28 अगस्त तक अपना जवाब देने को कहा है। शिकायत में लोकसभा के नियम 352 और 353 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने पूछा कि राहुल गांधी को आखिर नोटिस क्यों भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अगर ‘इडियट’ शब्द असंसदीय है तो आमिर खान की चर्चित फिल्म ‘3 इडियट्स’ को सेंसर बोर्ड ने मंजूरी कैसे दी थी। राउत ने कहा कि फिल्म को बड़ी सफलता मिली और कई पुरस्कार भी मिले। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में किसी को ‘इडियट’ कहना अपराध हो गया है।
राउत ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देते हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सरकार पर बच्चों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करवाने का आरोप लगाया। हालांकि, राउत के इन आरोपों पर केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर 29 जुलाई को लोकसभा में हंगामा हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, एक चर्चा के दौरान उन्होंने भाजपा समर्थकों के लिए ‘अंधभक्त’ और ‘इडियट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। भाजपा सांसदों ने इसे सदन और नागरिकों का अपमान बताया था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विवादित शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद भाजपा की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दी गई।
भाजपा का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सदन में संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी से संसद और गृह मंत्री अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। वहीं, शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस से जुड़े नेताओं का कहना है कि नोटिस की कार्रवाई के जरिए विपक्षी नेताओं को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
संजय राउत ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के कांवड़ यात्रा में शामिल होने पर भी तंज कसा। ठाणे में मुंबरेश्वर देवी और विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित कांवड़ यात्रा में नितेश राणे शामिल हुए थे। राउत ने व्यंग्य करते हुए कहा कि वह खुद को श्रवण कुमार के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राणे और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ भी ‘इडियट’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि राहुल गांधी ने सही शब्द चुना था।
योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से सरकारी भर्तियों और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गए सवालों पर भी राउत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि बाबा रामदेव को देश की बदलती राजनीतिक हवा का अंदाजा हो गया है और इसलिए उन्होंने अपनी निष्ठा की दिशा बदल ली है।
बाबा रामदेव ने हाल ही में आरोप लगाया था कि सरकारी भर्तियों में पैसे के लेन-देन और भ्रष्टाचार के माध्यम से पसंदीदा लोगों को अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई थी। रामदेव ने सरकार को आगाह किया था कि व्यवस्थागत खामियां दूर नहीं की गईं तो युवाओं और विद्यार्थियों का असंतोष बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
लोकसभा सचिवालय के नोटिस पर अब राहुल गांधी के जवाब का इंतजार है। उनका जवाब मिलने के बाद लोकसभा अध्यक्ष और विशेषाधिकार समिति आगे की प्रक्रिया पर फैसला कर सकते हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज बनी हुई है।