महाराष्ट्र: पुणे के बाद अब मुंबई पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में भी 15 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 23 जुलाई 2026 की रात 12:01 बजे से प्रभावी होकर 6 अगस्त 2026 की रात 12:00 बजे तक लागू रहेगा।
मुंबई पुलिस की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक शांति बनाए रखने और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। पुलिस को आशंका है कि कुछ परिस्थितियों में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने, विरोध प्रदर्शन या अन्य गतिविधियों से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए एहतियात के तौर पर धारा 144 लागू की गई है।
आदेश के तहत मुंबई पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा बिना अनुमति जुलूस निकालने, सभा करने, प्रदर्शन आयोजित करने और ऐसी किसी भी गतिविधि पर रोक रहेगी, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना हो।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि यह फैसला किसी एक घटना को लेकर नहीं बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां हर दिन लाखों लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में किसी भी बड़ी भीड़ या प्रदर्शन से यातायात व्यवस्था और आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
देश के कई हिस्सों में इन दिनों अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और अन्य संगठनों की ओर से भी कई मुद्दों पर प्रदर्शन की तैयारियां की जा रही हैं। महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में संभावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।
मुंबई के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी रखी जाएगी, ताकि अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने वाली गतिविधियों को रोका जा सके।
इससे पहले पुणे शहर में भी इसी तरह के प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए थे। अब मुंबई में भी धारा 144 लागू होने के बाद राज्य के प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे जारी आदेशों का पालन करें और बिना अनुमति किसी भी तरह की सभा या प्रदर्शन का हिस्सा न बनें। पुलिस ने कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
धारा 144 के उल्लंघन पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह केवल एक एहतियाती कदम है, जिसका उद्देश्य शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।