पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर में हिंजवडी से शिवाजीनगर को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित मेट्रो लाइन-3 के उद्घाटन का इंतजार एक बार फिर लंबा होता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुणे जिले की प्रस्तावित यात्रा स्थगित होने की खबरों के बाद मेट्रो के उद्घाटन को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। पहले 3 नवंबर को प्रधानमंत्री के बारामती दौरे की संभावना जताई जा रही थी। इसी दौरान मेट्रो परियोजना का उद्घाटन होने की उम्मीद थी। हालांकि, अब कार्यक्रम में बदलाव के चलते यात्रियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

रिपोर्टों के अनुसार, 16 नवंबर को उद्घाटन की वैकल्पिक तारीख के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मेट्रो सेवाएं किस दिन शुरू होंगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे और वैकल्पिक तारीख के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।

23 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का इंतजार

हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन-3 पुणे की प्रमुख परिवहन परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 23.2 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर कुल 23 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसका उद्देश्य हिंजवडी स्थित राजीव गांधी आईटी पार्क को शिवाजीनगर और शहर के अन्य महत्वपूर्ण इलाकों से जोड़ना है।

पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के अनुसार, यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित की जा रही है। इसकी अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है। परियोजना से शहर में यातायात का दबाव कम होने और लोगों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने की उम्मीद है।

मार्च 2025 में पूरा होना था काम

मेट्रो लाइन-3 का निर्माण कार्य मूल कार्यक्रम के अनुसार मार्च 2025 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, निर्माण संबंधी चुनौतियों, तकनीकी कार्यों और अन्य प्रक्रियाओं के कारण परियोजना निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकी।

इसके बाद परियोजना की समयसीमा में बदलाव किया गया। अलग-अलग चरणों में काम आगे बढ़ने के बावजूद यात्रियों के लिए सेवाएं शुरू करने की तारीख लगातार टलती रही।

परियोजना में हुई देरी के कारण विशेष रूप से हिंजवडी आईटी पार्क में काम करने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हजारों कर्मचारी रोजाना शहर के अलग-अलग हिस्सों से हिंजवडी पहुंचते हैं। सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक होने के कारण कई बार उन्हें लंबा समय सफर में बिताना पड़ता है।

सभी स्टेशनों को नहीं मिली सुरक्षा मंजूरी

मेट्रो लाइन-3 की शुरुआत में एक बड़ी चुनौती सुरक्षा संबंधी मंजूरी भी रही है। किसी भी मेट्रो कॉरिडोर पर यात्री सेवाएं शुरू करने से पहले मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की अनुमति आवश्यक होती है।

30 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस कॉरिडोर के 23 में से 17 स्टेशनों को यात्री परिचालन के लिए सुरक्षा मंजूरी मिल चुकी थी। पहले 12 स्टेशनों को अस्थायी अनुमति मिली थी, जबकि 23 सितंबर को पांच और स्टेशनों के लिए मंजूरी जारी की गई।

पीएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने बताया था कि पूरे कॉरिडोर और 17 स्टेशनों को मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, कुछ तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करना बाकी था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उद्घाटन को लेकर अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाएगा।

प्रधानमंत्री के दौरे से जुड़ी थीं उम्मीदें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित पुणे दौरे को देखते हुए मेट्रो के उद्घाटन की संभावनाएं बढ़ गई थीं। चर्चा थी कि प्रधानमंत्री बारामती के कार्यक्रम के दौरान इस महत्वपूर्ण परियोजना का शुभारंभ कर सकते हैं।

हालांकि, यात्रा स्थगित होने की खबरों के बाद उद्घाटन की तैयारियों को लेकर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।

इससे पहले भी परियोजना के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से तारीख मिलने का इंतजार किया जा रहा था। सितंबर में प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया था कि पीएमआरडीए 17 स्टेशनों पर यात्री सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसी दौरान महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव की आदर्श आचार संहिता के कारण उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर अतिरिक्त अनिश्चितता पैदा हो गई थी।

आईटी कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत

हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन शुरू होने से पुणे के आईटी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हिंजवडी पुणे का प्रमुख आईटी केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के कार्यालय मौजूद हैं। यहां रोजाना हजारों कर्मचारी कामकाज के लिए पहुंचते हैं।

व्यस्त समय में सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगना आम समस्या है। निजी कारों, दोपहिया वाहनों और बसों की अधिक आवाजाही के कारण यातायात प्रभावित होता है।

मेट्रो सेवा शुरू होने से कर्मचारियों के पास सड़क परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। इससे यात्रियों का समय बचने, ईंधन की खपत कम होने और प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।

अन्य मेट्रो रूट से भी जुड़ेगा कॉरिडोर

लाइन-3 की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसे पुणे के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचने के लिए बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी।

शिवाजीनगर और जिला न्यायालय क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क के बीच संपर्क विकसित करने पर भी काम किया गया है। जिला न्यायालय स्टेशन पर पैदल यात्री पुल के माध्यम से दूसरे मेट्रो कॉरिडोर से जुड़ने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

इसके अलावा स्टेशनों से आईटी पार्क और आसपास के इलाकों तक यात्रियों की पहुंच आसान बनाने के लिए अंतिम चरण की संपर्क सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पीएमआरडीए और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम की ओर से इस उद्देश्य के लिए 426 करोड़ रुपये की परियोजना की जानकारी दी गई है।

अब आधिकारिक तारीख का इंतजार

मेट्रो लाइन-3 के शुरू होने का इंतजार कर रहे यात्रियों की निगाहें अब राज्य सरकार, पीएमआरडीए और प्रधानमंत्री कार्यालय की अगली घोषणा पर टिकी हैं।

परियोजना के कई हिस्सों में महत्वपूर्ण निर्माण और सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद नियमित यात्री सेवाओं की शुरुआत के लिए अंतिम प्रशासनिक निर्णय आवश्यक है।

फिलहाल 3 नवंबर और 16 नवंबर की तारीखों को लेकर सामने आए दावों के बीच उद्घाटन का अधिकृत कार्यक्रम स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यात्रियों को मेट्रो में सफर करने के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।

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