ठाणे के मुंब्रा में 40 साल पुरानी इमारत की गैलरी का स्लैब गिरा

Update: 2026-07-28 09:15 GMT

ठाणे : महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब लगभग 40 साल पुरानी एक रिहायशी इमारत की गैलरी का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में 13 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे पांच अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।

यह हादसा मुंब्रा के अमृत नगर इलाके स्थित चार मंजिला फ़ैयाज़ अपार्टमेंट में हुआ। जानकारी मिलते ही ठाणे नगर निगम (TMC), दमकल विभाग, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे तथा तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। राहतकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला।

ठाणे नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इमारत की दूसरी मंजिल की गैलरी का स्लैब अचानक टूटकर नीचे पहली मंजिल की गैलरी पर गिर गया। स्लैब गिरने से नीचे मौजूद छह लोग मलबे के नीचे दब गए। हादसे के समय लोगों को कुछ समझने का मौका भी नहीं मिला और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज आवाज के साथ गैलरी का हिस्सा गिरा, जिसके बाद आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय निवासियों ने राहत एजेंसियों के पहुंचने से पहले ही मलबा हटाने का प्रयास शुरू कर दिया। बाद में दमकल कर्मियों और बचाव दल ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

बचाए गए छह लोगों में से पांच को मामूली चोटें आईं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। हालांकि, कमरा नंबर 102 में रहने वाली 13 वर्षीय अस्मा कादर शेख गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों ने मृतक बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

प्रशासन ने बताया कि हादसे के बाद इमारत की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण कराया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम यह जांच करेगी कि इमारत का कौन-सा हिस्सा कमजोर हो चुका है और क्या पूरी इमारत को खाली कराने की आवश्यकता है। यदि भवन असुरक्षित पाया जाता है तो निवासियों को वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इमारत की अधिक उम्र और संरचनात्मक कमजोरी हादसे का संभावित कारण मानी जा रही है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

मुंब्रा और ठाणे के कई इलाकों में दशकों पुरानी रिहायशी इमारतें मौजूद हैं। इनमें से कई भवनों की समय-समय पर मरम्मत और संरचनात्मक ऑडिट नहीं हो पाता, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी इमारतों का नियमित निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत कराना बेहद जरूरी है।

नगर निगम ने कहा है कि शहर में जर्जर और खतरनाक इमारतों की सूची तैयार की जा रही है। जिन भवनों को असुरक्षित घोषित किया जाएगा, उनके निवासियों को समय रहते नोटिस जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पुराने भवनों का नियमित सर्वे कराया जाए और जिन इमारतों की हालत खराब है, उनके खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि भवनों की समय पर मरम्मत और जांच होती रहे तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

पुलिस ने घटना का पंचनामा तैयार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही नगर निगम के इंजीनियरों को इमारत की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी पुराने या क्षतिग्रस्त भवन में रह रहे हैं और भवन की स्थिति को लेकर संदेह है, तो इसकी सूचना तुरंत नगर निगम को दें। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

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