शाहगंज में नशा-मुक्ति जागरूकता अभियान, 2,000 छात्रों ने बनाई मानव श्रृंखला

Update: 2026-07-28 09:00 GMT

शाहगंज : युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की लत से दूर रखने तथा समाज में नशा-मुक्ति का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को शाहगंज क्षेत्र में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला परिषद के शिक्षा विभाग और सारा नवजीवन मल्टीपर्पस ऑर्गनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में करीब 2,000 स्कूली छात्रों ने भाग लिया और मानव श्रृंखला बनाकर नशा-मुक्त जीवन का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जीसी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने छात्रों से जीवनभर नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता रैली और मानव श्रृंखला के निर्माण से हुई। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में नशा-मुक्ति से जुड़े संदेश लिखे प्लेकार्ड और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। मानव श्रृंखला के माध्यम से उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि स्वस्थ और सफल जीवन के लिए नशे से दूरी बनाए रखना आवश्यक है।

इस अवसर पर छात्रों ने नारे लगाते हुए लोगों से शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेशों से गूंजता रहा।

जिला कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थी समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवा पीढ़ी नशे के खिलाफ जागरूक होगी, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना आसान होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवनशैली भी विकसित करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा या गलत संगति से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर लत में बदल जाती है। इसलिए छात्रों को सही मित्रों का चयन करना चाहिए और किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।

यह अभियान जिला परिषद के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा सारा नवजीवन मल्टीपर्पस ऑर्गनाइजेशन की संयुक्त पहल के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों और सामाजिक संस्थाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

समाज कल्याण विभाग, जिला स्वास्थ्य विभाग, राज्य आबकारी विभाग, पुलिस प्रशासन, नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सभी विभागों ने छात्रों को नशे के दुष्परिणामों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नशे का सेवन शरीर के विभिन्न अंगों पर गंभीर प्रभाव डालता है। इससे मानसिक तनाव, शारीरिक बीमारियां, आर्थिक समस्याएं और पारिवारिक विवाद जैसी अनेक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और खेल-कूद जैसी सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कानून बेहद सख्त हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी नशे का अवैध कारोबार दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

कार्यक्रम के दौरान कई छात्रों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियान से उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में नई जानकारी मिली है। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज में भी नशा-मुक्ति का संदेश फैलाएंगे।

आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं तक नशा-मुक्ति का संदेश पहुंचाना और उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से नशा-मुक्त जीवन जीने की शपथ लेने के साथ हुआ। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से समाज में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता और मजबूत होगी तथा आने वाली पीढ़ी को इस गंभीर सामाजिक समस्या से बचाने में मदद मिलेगी।

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