विश्रामबाग पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का किया पर्दाफाश 37 लाख के गहने बरामद
पुणे। विश्रामबाग पुलिस ने आदतन चोरी करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य रात के समय बंद या सुनसान घरों को निशाना बनाते थे और वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे। आरोपियों के कब्जे से करीब 37 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से पुणे शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों को सुलझाने में मदद मिली है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को गिरोह की कार्यप्रणाली और उसके सदस्यों से जुड़े अन्य मामलों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शंकरसिंह उर्फ कुणालसिंह जितेंद्रसिंह जुनी (27), रणबीरसिंह धनसिंह बावरी शिखलीगर (26), अक्षयसिंह उर्फ अक्षय बिरूसिंग जुनी (22) और सोनूसिंह शाखासिंह शिखलीगर उर्फ तिलपिटिया (22) के रूप में हुई है।
शंकरसिंह रामटेकड़ी, हडपसर का रहने वाला बताया गया है। रणबीरसिंह और सोनूसिंह गुजरात के वडोदरा स्थित एकता नगर के रहने वाले हैं। वहीं अक्षयसिंह हडपसर के बिराजदार नगर का निवासी है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से चोरी की वारदातों में शामिल थे और अलग-अलग इलाकों में जाकर घरों को निशाना बनाते थे।
रात में घरों की रेकी कर बनाते थे निशाना
प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार गिरोह के सदस्य रात के समय ऐसे घरों की तलाश करते थे, जहां चोरी करने की संभावना अधिक हो। घर की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद आरोपी मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस के मुताबिक चोरी करने के बाद आरोपी एक ही जगह पर ज्यादा समय तक नहीं रुकते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे अपना ठिकाना बदलते रहते थे। यही वजह थी कि पुलिस के लिए गिरोह के सदस्यों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
37 लाख रुपये के गहने बरामद
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने करीब 37 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद आभूषण किन-किन वारदातों से संबंधित हैं।
बरामदगी के बाद पुलिस ने चोरी के मामलों की कड़ियां जोड़ना शुरू कर दिया है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान अन्य चोरी की घटनाओं के बारे में भी जानकारी सामने आने की संभावना है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल थे और चोरी के बाद सामान को कहां और किस माध्यम से ठिकाने लगाया जाता था।
पुणे की नौ चोरी की घटनाओं का खुलासा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी से पुणे शहर में चोरी के कुल नौ मामलों को सुलझाने में सफलता मिली है। इनमें छह मामले विश्रामबाग पुलिस थाने की सीमा में दर्ज थे।
इसके अलावा कालेपडल इलाके में चोरी के दो मामले और दत्तावाड़ी क्षेत्र में एक मामला सामने आया था। पुलिस जांच में इन सभी घटनाओं का संबंध गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ने के बाद नौ मामलों का खुलासा हुआ।
इस कार्रवाई से पुलिस को एक साथ कई मामलों की जांच आगे बढ़ाने में मदद मिली है। साथ ही चोरी की घटनाओं से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
अलग-अलग इलाकों में करते थे वारदात
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य एक ही क्षेत्र तक सीमित नहीं रहते थे। वे अलग-अलग इलाकों में जाकर वारदात करते थे। इससे पुलिस के लिए आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता था।
वारदात के बाद दूसरे इलाके में चले जाने के कारण आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से बचते रहे। पुलिस ने उनकी गतिविधियों और आपराधिक मामलों की कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई।
अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े होने के कारण पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
चोरी के मामलों की जांच में मिली सफलता
पुणे में घरों में चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। तकनीकी निगरानी और उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच टीम ने संदिग्धों पर नजर रखी। इसके बाद पुलिस को गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने में सफलता मिली।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी के मामलों की जांच को आगे बढ़ाया और चोरी के सामान की बरामदगी की।
अन्य वारदातों की भी जांच जारी
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने पुणे के अलावा अन्य शहरों या राज्यों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था या नहीं। आरोपियों के अंतरराज्यीय संपर्कों और उनके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि गिरोह चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषणों को किन लोगों के माध्यम से बेचता था। बरामद गहनों की पहचान संबंधित मामलों से कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
पुलिस की कार्रवाई से मिली राहत
विश्रामबाग पुलिस की कार्रवाई को चोरी की घटनाओं के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। चार आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब 37 लाख रुपये के आभूषणों की बरामदगी से न केवल नौ मामलों का खुलासा हुआ है, बल्कि पुलिस को गिरोह की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी मिली है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनसे जुड़े अन्य संभावित मामलों की जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और आगे की जांच में चोरी की और वारदातों का खुलासा हो सकता है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है।
विश्रामबाग पुलिस की इस कार्रवाई ने रात में घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह पर बड़ी चोट की है। अब पुलिस की नजर आरोपियों के अन्य आपराधिक संपर्कों और संभावित वारदातों पर है, ताकि पुणे में चोरी की घटनाओं पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके।