मणिपुर: कांग्रेस ने 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार किया। शाह ने 1 नवंबर को हुए 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की रैली को "घुसपैठिया बचाओ" कार्यक्रम बताया था। कांग्रेस ने उन पर आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों को संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया और सुझाव दिया कि उन्हें वापस भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाल लेना चाहिए।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मणिपुर में चल रहे संकट, सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं और घुसपैठ को रोकने में हुई कथित चूक का हवाला दिया।
'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में खेड़ा ने कहा, "मोटा भाई, अगर गृह मंत्रालय आपके बस की बात नहीं है, तो आप अभी भी उस कुर्सी से क्यों चिपके हुए हैं? 7 सालों में देश के 3 करोड़ घुसपैठियों को आप नहीं संभाल पाए। 3 सालों से मणिपुर आपके नियंत्रण में नहीं है। अब तो अरुणाचल प्रदेश भी नहीं संभल रहा है।"
उन्होंने पुलवामा और पहलगाम हमलों, लाल किले के पास हुए विस्फोट और राष्ट्रीय राजधानी के पास 300 किलो RDX मिलने का भी जिक्र किया और गृह मंत्री द्वारा सुरक्षा मामलों को संभालने के तरीके पर सवाल उठाए।
खेड़ा ने कहा, "यह आपके बस की बात नहीं है। इसे छोड़ ही दीजिए।"
शाह पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता ने सुझाव दिया कि उन्हें भाजपा में अपनी संगठनात्मक भूमिका में लौट जाना चाहिए और जिसे उन्होंने "मोबाइल सर्कस" कहा, उसे हैदराबाद से करनाल और देश के अन्य हिस्सों में ले जाना चाहिए।
उन्होंने पूछा, "गृह मंत्रालय से चिपके रहकर आप देश की नैया क्यों डुबो रहे हैं?"
खेड़ा ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन पर भी तंज कसा और कहा कि उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से "मुक्त" कर देना चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट का अंत एक हिंदी कहावत के साथ किया, जिसका आशय यह था कि इंसान को वही काम करना चाहिए जिसके लिए वह उपयुक्त हो।
अमित शाह ने क्या कहा था
कांग्रेस का यह हमला तब आया जब हरियाणा के करनाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने 'इंडिया' गठबंधन की 1 नवंबर की रैली को "वोट बचाओ" अभियान के बजाय "घुसपैठिया बचाओ" रैली करार दिया। इससे पहले भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च निकाला था। शाह ने कहा कि भाजपा घुसपैठियों की पहचान करने, मतदाता सूची से उनके नाम हटाने और उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने इस रणनीति को घुसपैठियों की "पहचान करने, नाम हटाने और देश से बाहर निकालने" (डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट) के प्रधानमंत्री के संकल्प के रूप में बताया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि लोकतंत्र में संसद बहस का सर्वोच्च मंच है, और उन्होंने विपक्ष के नेता पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया।
शाह ने कहा, "राहुल जी, आप संसद को चलने नहीं देते, मुद्दों पर चर्चा नहीं करते... आपने हंगामा करना और बहिष्कार का सहारा लेना कांग्रेस की संस्कृति बना दी है।"
यह घटनाक्रम घुसपैठ, मतदाता सूची, राष्ट्रीय सुरक्षा और संसद के कामकाज को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान का एक और दौर है।
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