ढेंकनाल। ओडिशा के ढेंकनाल जिले में सोमवार को एक ओडिशा आर्म्ड पुलिस फोर्स (OAPF) के कॉन्स्टेबल का शव किराए के मकान में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान शंकर प्रधान के रूप में हुई है। वह गजपति जिले के रामगिरि थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लच्छमागिसिंग गांव के निवासी थे। बताया जा रहा है कि शंकर प्रधान लंबे समय से पुलिस विभाग में तैनात थे और वर्तमान में ढेंकनाल में रह रहे थे।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को ढेंकनाल टाउन थाना क्षेत्र के बिल साही इलाके में स्थित एक किराए के घर में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, शंकर प्रधान वर्ष 2016 से ढेंकनाल में तैनात थे। शुरुआत में वह सरकारी क्वार्टर में रहते थे। हालांकि, पिछले करीब डेढ़ साल से वह निलंबित चल रहे थे। निलंबन के बाद वह अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रह रहे थे।

परिजनों ने आशंका जताई है कि लंबे समय तक नौकरी से निलंबित रहने के कारण वह मानसिक तनाव में हो सकते थे। इसी तनाव की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया होगा। हालांकि, परिवार की आशंका के अलावा पुलिस ने अभी तक मौत के पीछे किसी निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले कॉन्स्टेबल की मानसिक स्थिति कैसी थी और क्या कोई अन्य कारण भी इसके पीछे हो सकता है।

घटना के बाद पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है। सहकर्मियों ने बताया कि शंकर प्रधान लंबे समय से विभाग से जुड़े हुए थे। उनके निधन की खबर मिलने के बाद पुलिसकर्मियों और परिचितों में दुख की लहर है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और आखिरी बार शंकर प्रधान से किसकी बातचीत हुई थी। इसके अलावा मोबाइल फोन और अन्य जरूरी साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच जरूरी है। फिलहाल इसे संदिग्ध मौत के रूप में लेते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक नौकरी से जुड़े तनाव, अनुशासनात्मक कार्रवाई या व्यक्तिगत परेशानियां कई बार व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। ऐसे मामलों में परिवार और विभागीय स्तर पर समय रहते सहयोग और परामर्श जरूरी होता है।

पुलिस विभाग में भी कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को लेकर समय-समय पर पहल की जाती रही है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को समझना और उन्हें सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।

ढेंकनाल पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले से जुड़े सभी सबूत जुटाए जा रहे हैं।

शंकर प्रधान की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन घटना के बाद सदमे में हैं। गांव और आसपास के लोगों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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