ओडिशा के पांच बाढ़ प्रभावित जिलों का मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने किया हवाई सर्वेक्षण
भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार हुई भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को राज्य के पांच बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता शीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी तथा विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का यह हवाई सर्वेक्षण ऐसे समय हुआ है जब राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। सर्वेक्षण के दौरान बाढ़ से प्रभावित 12 से अधिक ब्लॉकों का निरीक्षण किया गया, जहां भारी वर्षा के कारण नदियां उफान पर हैं और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। अनेक गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को दैनिक आवश्यकताओं और आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, डूबे हुए खेत और प्रभावित आबादी की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर भोजन, पेयजल, दवाइयां तथा अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों का संपर्क बाढ़ के कारण कट गया है, वहां नौकाओं और अन्य उपलब्ध साधनों के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को सहायता के अभाव में परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन सेवा, स्थानीय प्रशासन तथा स्वयंसेवी संगठन मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य संचालित कर रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ के कारण कृषि क्षेत्र को भी व्यापक नुकसान पहुंचने की आशंका है। बड़ी संख्या में धान और अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसलों के नुकसान का शीघ्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। राहत शिविरों और गांवों में चिकित्सा दलों की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन ने बताया कि लगातार निगरानी के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और जल संसाधन विभाग नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है। मौसम की स्थिति और जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर संबंधित जिलों को समय-समय पर आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों के साथ-साथ बाढ़ का पानी घटने के बाद पुनर्वास और बुनियादी ढांचे की बहाली की तैयारियां भी अभी से शुरू की जाएं। क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रभावित नागरिकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रकार की सहायता में कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रशासन को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ राहत कार्यों को अंजाम देने तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य के कई हिस्सों में अब भी बाढ़ का असर बना हुआ है। नदियों का बढ़ा हुआ जलस्तर और जलभराव के कारण अनेक गांवों में जनजीवन प्रभावित है। हालांकि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। ऐसे में मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण और अधिकारियों को दिए गए निर्देश राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।