जाजपुर: ओडिशा के जाजपुर जिले में बैतरणी नदी की बाढ़ ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस सीजन में चौथी बार आई बाढ़ के कारण दशरथपुर ब्लॉक के कई इलाकों में हालात गंभीर हो गए हैं। बैतरणी नदी की शाखा कानी नदी का पानी तटबंध टूटने के बाद कई गांवों में घुस गया है।

जानकारी के अनुसार, तारपाड़ा पंचायत के डोवाबिल पटना इलाके में तटबंध टूटने के कारण बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के क्षेत्रों में फैल गया। इसके चलते कासापा और तारपाड़ा पंचायत के छह गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। तटबंध में बनी दरार भी धीरे-धीरे चौड़ी होती जा रही है, जिससे ग्रामीणों को चिंता है कि आने वाले समय में स्थिति और खराब हो सकती है।

प्रभावित इलाकों में कटिकाटा माझी साही, कपुडियासाही और जयनंतरा महापात्रा साही समेत कई बस्तियों में पानी का स्तर पांच फीट से अधिक पहुंच गया है। कई घरों में पानी घुस गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ परिवारों ने अपने घरों की छतों पर शरण ली है। बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों को खाने-पीने की सामग्री, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की चिंता सताने लगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बैतरणी नदी में बार-बार आने वाली बाढ़ के कारण उन्हें हर साल परेशानी झेलनी पड़ती है। तटबंध कमजोर होने के कारण नदी का पानी गांवों में प्रवेश कर जाता है और लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचता है।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। राहत और बचाव टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की ओर से स्थिति का आकलन किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सबसे बड़ी चुनौती लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना है। पानी भरने के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से नावों और अन्य माध्यमों से राहत पहुंचाने की व्यवस्था की जा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ना सामान्य है, लेकिन कमजोर तटबंध और जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण बाढ़ का असर ज्यादा गंभीर हो जाता है। ऐसे क्षेत्रों में तटबंधों की नियमित मरम्मत और निगरानी जरूरी है।

जाजपुर जिले में बैतरणी नदी से जुड़े इलाकों में पहले भी बाढ़ की स्थिति बनती रही है। इस बार लगातार चौथी बार नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टूटे हुए तटबंध की जल्द मरम्मत की जाए, ताकि बाढ़ का पानी और ज्यादा गांवों में न फैल सके। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य पहुंचाना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और जलमग्न क्षेत्रों में अनावश्यक जाने से बचें।

बाढ़ के कारण खेती को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में धान और अन्य फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन बाद में किया जाएगा।

फिलहाल जाजपुर के दशरथपुर ब्लॉक में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बैतरणी और कानी नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन और ग्रामीण दोनों सतर्क हैं।

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