क्योंझर: ओडिशा के क्योंझर जिले में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। तेलकोइ ब्लॉक के कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है, क्योंकि कई स्थानों पर पुलों और सड़कों के ऊपर से बाढ़ का पानी बह रहा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों और नहरों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगहों पर पानी सड़क तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों की जानकारी जुटाई जा रही है।

तेलकोइ ब्लॉक में सबसे ज्यादा प्रभाव हनुमंतिया नहर के आसपास देखने को मिला है। नहर का पानी केन्दू-पत्ता (Kenduleaf) कार्यालय के पास सड़क पर करीब तीन फीट तक ऊपर आ गया है। इसके कारण तेलकोइ-जगमोहनपुर सड़क मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

बाढ़ के पानी की वजह से तेलकोइ और जगमोहनपुर के बीच संपर्क टूट गया है। इसके अलावा लोगों को नेशनल हाईवे-49 तक पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर पानी भरने के कारण जरूरी कामों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

इसी तरह देउलादिहा पंचायत के नुवागढ़ क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिला है। यहां तेनार नहर के पुल के ऊपर से करीब पांच फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

तेनार नहर पर पानी बढ़ने से देउलादिहा और कराडांगी इलाकों के बीच सड़क संपर्क बाधित हो गया है। ग्रामीणों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, भारी बारिश के दौरान हर साल इन इलाकों में जलभराव और सड़क बाधित होने की समस्या सामने आती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द राहत व्यवस्था की जाए और स्थायी समाधान के लिए बेहतर सड़क और पुलों का निर्माण किया जाए।

बारिश के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हो रही है। कई लोग रोजमर्रा के कामों, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार तक पहुंचने के लिए इन्हीं सड़कों पर निर्भर रहते हैं। सड़क संपर्क टूटने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग तेज बहाव वाले पानी और जलमग्न सड़कों को पार करने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे हादसे का खतरा बढ़ सकता है।

मौसम विभाग की ओर से भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की जाती रही है। ऐसे में जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में स्थिति की निगरानी की जा रही है। जहां जरूरत होगी, वहां राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन को सड़क संपर्क बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

क्योंझर जिले के तेलकोइ ब्लॉक में बने हालात ने मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत को फिर से सामने ला दिया है। बारिश के समय पुलों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को हर साल परेशानी का सामना करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने और पुलों की ऊंचाई बढ़ाने जैसे उपायों से समस्या को कम किया जा सकता है।

फिलहाल क्योंझर प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना और लोगों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। बारिश कम होने और जलस्तर घटने के बाद ही सड़क संपर्क पूरी तरह बहाल होने की उम्मीद है।

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