भुवनेश्वर/जाजपुर। ओडिशा में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को जाजपुर जिले के कलिंगनगर में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 39,383 करोड़ रुपये के निवेश वाली औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। राज्य सरकार के अनुसार, ये परियोजनाएं ओडिशा के 14 जिलों में फैली हुई हैं और इनके जरिए 42,512 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना और निवेश को वास्तविक उत्पादन तथा रोजगार में बदलना है।मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का औद्योगिक विकास केवल कलिंगनगर तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि ओडिशा के विभिन्न जिलों में नए उद्योग स्थापित हों और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।
14 जिलों में होगा औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलिंगनगर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से औद्योगिक विकास को पूरे राज्य में विस्तार देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।इन परियोजनाओं का विस्तार अंगुल, बरगढ़, बालासोर, बौध, कटक, ढेंकनाल, जाजपुर, जगतसिंहपुर, क्योंझर, खुर्दा, मयूरभंज, पुरी, संबलपुर और सुंदरगढ़ जिलों में किया जाएगा।इन जिलों में अलग-अलग प्रकार के उद्योगों की स्थापना और विस्तार से संबंधित कार्य किए जाएंगे।मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार का उद्देश्य औद्योगिक निवेश को केवल बड़े शहरों और स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय दूसरे जिलों तक पहुंचाना है।
42,512 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान
राज्य सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरी तरह विकसित होने पर लगभग 42,512 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।इसमें औद्योगिक इकाइयों में प्रत्यक्ष रोजगार के साथ संबंधित सेवाओं और अन्य गतिविधियों में रोजगार की संभावनाएं भी शामिल हैं।नई परियोजनाओं से स्थानीय श्रमिकों, तकनीकी कर्मचारियों और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।हालांकि, यह रोजगार की अनुमानित संख्या है। वास्तविक रोजगार परियोजनाओं के पूरा होने और उनके संचालन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्टील से लेकर आईटी और खाद्य प्रसंस्करण तक निवेश
ओडिशा में शुरू की गई औद्योगिक परियोजनाएं कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं।इनमें स्टील और धातु उद्योग, रसायन, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, जैव ईंधन, कपड़ा उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।इसके अलावा औद्योगिक गैस, जहाज निर्माण, ऊर्जा भंडारण, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं भी इस औद्योगिक विस्तार का हिस्सा हैं।सरकार का मानना है कि अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश से राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को विविधता मिलेगी और नए व्यवसायों के लिए संभावनाएं बढ़ेंगी।
कलिंगनगर में नए औद्योगिक संयंत्रों का उद्घाटन
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कलिंगनगर में जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड और इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज लिमिटेड के नए संयंत्रों का भी उद्घाटन किया।राज्य सरकार ने इसे ओडिशा के विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।कलिंगनगर पहले से ही ओडिशा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां इस्पात और धातु से संबंधित अनेक औद्योगिक गतिविधियां संचालित होती हैं।नई परियोजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता और निवेश गतिविधियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों के साथ की बैठक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी की।इस दौरान निवेश संबंधी जरूरतों, औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन और भविष्य में उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई।सरकार ने निवेशकों के साथ समन्वय बढ़ाने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश आकर्षित करने के साथ यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि प्रस्तावित परियोजनाएं धरातल पर उतरें और उत्पादन शुरू करें।
अब तक 151 औद्योगिक परियोजनाओं पर काम
ओडिशा सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के कार्यकाल में अब तक 116 औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है और 35 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है।इस प्रकार कुल 151 परियोजनाओं का निवेश मूल्य लगभग 3,11,722.46 करोड़ रुपये बताया गया है।इन परियोजनाओं के जरिए करीब 2,40,697 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।हालांकि, इनमें अलग-अलग चरणों की परियोजनाएं शामिल हैं। सभी परियोजनाओं को पूरी तरह संचालित इकाइयां नहीं माना जा सकता।
छोटे और मध्यम उद्योगों को भी मिलेगा अवसर
राज्य सरकार की इस औद्योगिक पहल से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई के लिए भी नए व्यावसायिक अवसर विकसित होने की उम्मीद हैबड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के साथ परिवहन, माल आपूर्ति, निर्माण और अन्य संबंधित सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलना है।सरकार स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।
समृद्ध ओडिशा 2036 के लक्ष्य पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने को 'समृद्ध ओडिशा 2036' के लक्ष्य से जोड़ा है।उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।सरकार विभिन्न जिलों में निवेश बढ़ाने, औद्योगिक उत्पादन का विस्तार करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।कलिंगनगर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। अब इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और वास्तविक रोजगार सृजन पर ध्यान रहेगा।