भारी बारिश के चलते भद्रक में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद

Update: 2026-07-28 04:25 GMT

भद्रक: ओडिशा के भद्रक जिले में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने आज पूरे जिले में सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। भारी बारिश के कारण संभावित जोखिमों को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, भद्रक जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में आज कक्षाएं स्थगित रहेंगी। इसके साथ ही जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए मौसम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

पिछले कुछ दिनों से भद्रक जिले समेत ओडिशा के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में पानी जमा होने तथा सड़कों पर जलभराव की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए खतरा बढ़ने की आशंका जताई।

अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में रास्ते खराब हो सकते हैं और जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

भद्रक जिले में मानसून के दौरान लगातार बारिश का असर देखने को मिल रहा है। इससे पहले सलांदी नदी में आई बाढ़ के कारण जिले के कई क्षेत्रों में कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी और किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा था। अब बारिश के कारण सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी में है।

स्कूल बंद करने के फैसले से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है। अभिभावकों का कहना है कि खराब मौसम में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन का निर्णय उचित है। लगातार बारिश के बीच छोटे बच्चों को स्कूल भेजना चिंता का कारण बन सकता था, इसलिए छुट्टी घोषित करना जरूरी था।

आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला भी बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के लिए पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। मौसम खराब होने की स्थिति में इन केंद्रों तक पहुंचना कठिन हो सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से नदी, नहर और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा के कई हिस्सों में अभी बारिश का दौर जारी रह सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे प्रशासन के आदेश का पालन करें और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। स्कूलों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी तरह की गतिविधि के लिए बच्चों को न बुलाया जाए।

फिलहाल भद्रक जिले में प्रशासन स्थिति की समीक्षा कर रहा है। यदि बारिश की स्थिति बनी रहती है तो आगे भी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को लेकर नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम और सुरक्षा परिस्थितियों के आधार पर ही आगे के फैसले लिए जाएंगे।

भारी बारिश के बीच भद्रक जिला प्रशासन का यह कदम आपदा प्रबंधन और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि खराब मौसम के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके और लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

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