मयूरभंज। ओडिशा के मयूरभंज जिले में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कम दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से जिले के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण सड़कें जलमग्न हो गईं, पुल बह गए और कई क्षेत्रों का संपर्क जिले के अन्य हिस्सों से कट गया है।

लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।

मोराडा ब्लॉक में बारिश का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। बारीपदा-जलेश्वर मुख्य सड़क पर चित्रदा तटबंध के ऊपर तीन फीट से अधिक पानी बह रहा है। इसके कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। लोगों को मजबूरी में वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

इसी तरह बारामिले-बाघाडा मुख्य सड़क पर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां मोहनपुर तटबंध के ऊपर करीब चार फीट पानी बहने के कारण यातायात बाधित हो गया है। भारी जलभराव के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के कारण जिले के सुलियापाड़ा ब्लॉक में भी बड़ा नुकसान हुआ है। झलियामारा के पास कोस्टा-देउली मुख्य सड़क पर बना एक पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। बताया जा रहा है कि यह पुल पहले से ही कमजोर स्थिति में था और लगातार बारिश के दबाव को सहन नहीं कर सका।

पुल के बह जाने से क्षेत्र की आठ पंचायतों के हजारों लोगों का संपर्क प्रभावित हो गया है। यह मार्ग स्थानीय लोगों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही का प्रमुख साधन था। पुल टूटने से ग्रामीणों को स्कूल, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति लंबे समय से खराब थी और इसकी मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही थी। हालांकि, भारी बारिश के बीच इसके बह जाने से अब समस्या और बढ़ गई है।

रासगोविंदपुर ब्लॉक में भी बारिश का असर देखने को मिला है। यहां अतिरिक्त बारिश का पानी चार पंचायतों में प्रवेश कर गया है। प्रभावित पंचायतों में नाकिचुआ, मनिदा, खुंटापाल और सरमुला शामिल हैं। कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं। अधिकारियों की टीमों को मौके पर भेजा गया है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, कम दबाव वाले सिस्टम के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

बारिश के कारण बिजली, सड़क और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले नदी-नालों से दूर रहें।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान ग्रामीण इलाकों में बने छोटे पुल और सड़कें सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। ऐसे क्षेत्रों में पहले से कमजोर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की संभावना अधिक रहती है।

मयूरभंज में आई इस बारिश ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत को उजागर किया है। लोगों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में पुलों और सड़कों की समय-समय पर जांच और मरम्मत जरूरी है, ताकि आपदा के समय संपर्क व्यवस्था प्रभावित न हो।

फिलहाल जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य करने के प्रयास में जुटा हुआ है। राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है।

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