नयागढ़। ओडिशा के नयागढ़ जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां दसपल्ला वन क्षेत्र में जंगली सूअरों का शिकार करने के लिए कथित तौर पर शिकारियों द्वारा बिछाए गए जाल में फंसने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान बबुला नायक के रूप में हुई है, जो बनिगोछा थाना क्षेत्र की दूदा पंचायत के कनाडी गांव का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार, 23 अक्टूबर की रात बबुला अपने एक करीबी दोस्त से मिलने नागेश्वर साही जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में वह शिकारियों के जाल की चपेट में आ गया। हादसे के बाद उसने मदद के लिए आवाज भी लगाई, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दसपल्ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जाल जंगली सूअरों का शिकार करने के उद्देश्य से लगाया गया था। हालांकि, जाल की प्रकृति और मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

दोस्त से मिलने निकला था बबुला नायक

मिली जानकारी के अनुसार, बबुला नायक शुक्रवार रात अपने गांव कनाडी से नागेश्वर साही के लिए निकला था। वहां उसका एक करीबी दोस्त रहता है, जिससे वह मुलाकात करने जा रहा था।

बताया जा रहा है कि रास्ते में वन क्षेत्र से गुजरते समय वह अचानक एक जाल में फंस गया। कथित तौर पर शिकारियों ने यह जाल जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए लगाया था।

बबुला को रास्ते में इस तरह का जाल होने की जानकारी नहीं थी। अंधेरा होने के कारण वह समय रहते खतरे को पहचान नहीं सका।

स्थानीय खबरों के अनुसार, जाल में फंसने के बाद बबुला गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने खुद को बचाने का प्रयास किया और आसपास मौजूद लोगों को आवाज लगाई, लेकिन उसे समय रहते मदद नहीं मिल सकी।

मदद के लिए पुकारता रहा, लेकिन नहीं बची जान

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि जाल में फंसने के बाद बबुला ने कथित तौर पर मदद के लिए कई बार आवाज लगाई।

बताया जा रहा है कि रात का समय होने और घटनास्थल वन क्षेत्र में होने के कारण उसकी आवाज सुनकर कोई व्यक्ति तत्काल सहायता के लिए नहीं पहुंच पाया।

इस दौरान बबुला को गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है। आखिरकार घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बबुला कितनी देर तक जाल में फंसा रहा और उसकी मौत किस समय हुई।

पुलिस अब घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

सूचना मिलते ही घटनास्थल पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलने के बाद बनिगोछा थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

शव को पोस्टमार्टम के लिए दसपल्ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारण और चोटों की प्रकृति स्पष्ट होने में मदद मिलेगी।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित क्षेत्र में जाल किसने लगाया था और इसका उद्देश्य क्या था।

यदि जांच में अवैध शिकार के लिए जाल लगाए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

वन क्षेत्र में अवैध शिकार बना गंभीर खतरा

ओडिशा के कई वन क्षेत्रों में जंगली सूअरों और दूसरे वन्यजीवों के अवैध शिकार की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।

कुछ मामलों में शिकारी जानवरों को पकड़ने के लिए तारों के फंदे और बिजली के करंट वाले जाल का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसे जाल वन्यजीवों के साथ-साथ जंगल से गुजरने वाले ग्रामीणों, किसानों और राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

नयागढ़ जिले के जंगलों में अवैध बिजली के तारों से शिकार किए जाने की समस्या पहले भी सामने आई है। वर्ष 2025 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि जिले के कुछ वन क्षेत्रों में शिकारियों द्वारा लगाए गए बिजली के तारों की चपेट में आने से इंसानों और वन्यजीवों की मौतें हो चुकी हैं।

अक्टूबर में भी सामने आई थी ऐसी घटना

ओडिशा के गंजाम जिले में 13 अक्टूबर को भी इसी तरह का मामला सामने आया था।

वहां 42 वर्षीय किसान मेहेंकल नायक की कथित तौर पर जंगली सूअरों का शिकार करने के लिए बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी।

किसान खेत की ओर जा रहा था, तभी वह बिजली के तार से टकरा गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने घटनास्थल से बिजली के तार और जाल तैयार करने में इस्तेमाल अन्य सामान जब्त किया था।

इस घटना के बाद वन विभाग ने अवैध शिकार रोकने और जंगलों में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

शिकारियों की पहचान करना पुलिस के सामने चुनौती

दसपल्ला की ताजा घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बबुला नायक की मौत का कारण बने कथित जाल को किसने लगाया था।

पुलिस को यह पता लगाना होगा कि संबंधित स्थान पर पहले भी इस तरह की गतिविधियां होती रही हैं या नहीं।

इसके अलावा घटना के समय आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय निवासियों से जानकारी जुटाना भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है।

यदि जाल लगाने वाले लोगों की पहचान होती है, तो उनकी भूमिका और जिम्मेदारी की जांच की जाएगी।

फिलहाल इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद वन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले रास्तों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर खेतों, आसपास के गांवों और परिचितों के घर जाने के लिए जंगल से जुड़े रास्तों का उपयोग करते हैं।

ऐसे में अवैध शिकार के लिए बिछाए गए जाल उनके लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

विशेष रूप से रात के समय इन जालों की पहचान करना कठिन हो सकता है। इसलिए ग्रामीणों को जंगल से गुजरते समय सावधानी बरतने और किसी संदिग्ध तार या जाल को छूने के बजाय वन विभाग को सूचना देने की जरूरत है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह

फिलहाल बबुला नायक की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी मौत किन चोटों या परिस्थितियों के कारण हुई।

इसके साथ ही जांच एजेंसियों को यह भी पता लगाना होगा कि जाल अवैध शिकार के उद्देश्य से लगाया गया था या नहीं और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।

इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में वन्यजीवों के अवैध शिकार और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को सामने ला दिया है।

Tags: