फेज-5 में आग बुझने के बाद उठी शहीद भगत सिंह ग्रीन बेल्ट बनाने की मांग, किसान मंडी का विरोध
मोहाली। फेज-5 में सब्जी मंडी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जगह पर पिछले कई दिनों से लगी आग अब पूरी तरह बुझ चुकी है। आग की घटना के बाद नगर निगम ने यहां जमा कूड़े-कचरे और झाड़ियों को हटाकर सफाई करवा दी है। इस जगह पर लंबे समय से शहर के अलग-अलग हिस्सों से एकत्र की गई झाड़ियां और कूड़ा डंप किया जा रहा था। लगातार आग और उससे उठने वाले धुएं के कारण आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब सफाई होने के बाद फेज-5 के निवासियों ने इस स्थान पर शहीद भगत सिंह के नाम से ग्रीन बेल्ट विकसित करने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां दोबारा किसान या सब्जी मंडी नहीं लगाई जानी चाहिए।
कई दिनों तक आग से परेशान रहे आसपास के लोग
जानकारी के अनुसार, फेज-5 में सब्जी मंडी वाली जगह पर नगर निगम की ओर से शहर के विभिन्न इलाकों से लाई जाने वाली झाड़ियों, पेड़ों की कटी टहनियों और कूड़े-करकट को जमा किया जाता था। यहां बड़ी मात्रा में जैविक और अन्य कचरा एकत्र होने के कारण पिछले कई दिनों से आग लगी हुई थी।
आग से उठने वाले धुएं के कारण आसपास के आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी हुई। स्थानीय निवासियों को लगातार दुर्गंध और धुएं का सामना करना पड़ा। लोगों की चिंता थी कि यदि आग लंबे समय तक जलती रही तो इसका असर आसपास के वातावरण और लोगों की सेहत पर पड़ सकता है।
नगर निगम ने हटाया कूड़ा और झाड़ियों का ढेर
आग की घटना के बाद नगर निगम की ओर से इस स्थान पर सफाई अभियान चलाया गया। यहां लंबे समय से जमा झाड़ियों और कूड़े-करकट को हटाया गया। सफाई के बाद खाली हुई जगह को लेकर अब स्थानीय निवासियों ने इसके भविष्य में उपयोग पर सवाल उठाए हैं।
निवासियों का कहना है कि इस स्थान पर दोबारा कूड़ा जमा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों से कचरा लाकर यहां डंप करने की व्यवस्था के कारण ही आसपास के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
शहीद भगत सिंह के नाम पर ग्रीन बेल्ट बनाने की मांग
फेज-5 के निवासियों ने अब खाली हुई जगह पर शहीद भगत सिंह ग्रीन बेल्ट विकसित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस स्थान को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि आसपास के निवासियों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां पौधे लगाए जाने चाहिए और हरियाली विकसित करने के साथ लोगों के बैठने तथा टहलने के लिए भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इससे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण होगा और खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल जनहित में किया जा सकेगा।
निवासियों का यह भी कहना है कि शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे में इस स्थान पर शहीद भगत सिंह के नाम से ग्रीन बेल्ट बनाने की पहल उपयोगी साबित हो सकती है।
किसान मंडी लगाने का भी विरोध
स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस स्थान पर दोबारा किसी भी प्रकार की किसान मंडी या सब्जी मंडी शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि यह जगह आवासीय क्षेत्र के नजदीक है और यहां मंडी लगने से भीड़भाड़, यातायात और सफाई से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
लोग चाहते हैं कि नगर निगम इस जमीन के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट निर्णय ले और इसे मंडी या कूड़ा डंपिंग स्थल बनाने के बजाय ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित करे।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
फेज-5 के निवासियों का कहना है कि केवल एक बार सफाई करवा देना पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि इस स्थान पर दोबारा झाड़ियों और कूड़े का ढेर जमा न होने दिया जाए। इसके लिए नगर निगम को स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों की मांग है कि खाली हुई जमीन पर हरित क्षेत्र विकसित करने की योजना तैयार की जाए और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय हो। इससे भविष्य में कचरा जमा होने और आग लगने जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, नगर निगम की ओर से इस स्थान पर शहीद भगत सिंह ग्रीन बेल्ट विकसित करने अथवा किसान मंडी को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में स्थानीय निवासियों की मांग पर प्रशासन का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा।
आग की घटना के बाद बदली जगह की तस्वीर
पिछले कई दिनों तक आग और धुएं से परेशान रहे लोगों को अब स्थल की सफाई होने के बाद कुछ राहत मिली है। लेकिन निवासी चाहते हैं कि भविष्य में इस जगह का इस्तेमाल इस तरह किया जाए, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी न हो।
फिलहाल फेज-5 में आग बुझने और कूड़ा हटने के बाद स्थानीय लोगों ने इस जमीन को हरित क्षेत्र में बदलने की मांग तेज कर दी है। अब देखना होगा कि नगर निगम निवासियों की मांग पर क्या फैसला लेता है और क्या यहां शहीद भगत सिंह के नाम से ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना बनाई जाती है।