बुधवार को जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पार्टी का प्रचार शुरू करने पंजाब पहुंचेंगे, तो राज्य बीजेपी 1984 के सिख-विरोधी नरसंहार पर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगी। 'ज़ख्म '84 दे' (Zakhm ’84 De) नाम का यह सम्मेलन चंडीगढ़ के होटल पार्कव्यू में होगा।
वक्ताओं में सज्जन कुमार को दोषी ठहराए जाने वाले मामले की मुख्य गवाह निरप्रीत कौर, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष तरलोचन सिंह और सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल हैं, जिन्होंने इन दंगों में अपने परिवार के पांच सदस्यों को खो दिया था।
कानूनी पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील एच.एस. फूलका शामिल होंगे, जिन्होंने दोषियों को सजा दिलाने की लंबी लड़ाई का नेतृत्व किया था। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उस एसआईटी (SIT) के प्रमुख रहे जस्टिस एस.एन. ढींगरा (रिटायर्ड) भी मौजूद रहेंगे, जिसने 2018 में बंद हो चुके मामलों की फिर से जांच की थी। मुख्य वक्ता रविशंकर प्रसाद होंगे, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कई कार्यवाहियों में पीड़ितों का पक्ष रखा था। पंजाब बीजेपी के महासचिव रजनीश धीमान और राज्य मीडिया प्रमुख विनीत जोशी ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य हिंसा के 42 साल बाद, नई पीढ़ी के सामने इस नरसंहार से जुड़े तथ्यों को रखना है।