चंडीगढ़ में किताब लॉन्च, पत्रकार की रचना की सराहना

Update: 2026-07-25 14:57 GMT

चंडीगढ़: प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकार बलवान करिवाल की कविता संग्रह पुस्तक 'खुशियों की चाबी' का विमोचन किया गया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने पुस्तक का विमोचन करते हुए लेखक के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह किताब समाज को सकारात्मक सोच का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक जीवन के छोटे-छोटे पलों में छिपी खुशियों को पहचानने और उन्हें महसूस करने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम का आयोजन चंडीगढ़ प्रेस क्लब में किया गया, जहां प्रेस क्लब के अध्यक्ष सौरभ दुग्गल सहित कई पत्रकार, साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि किताबें समाज में विचारों को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम होती हैं। खासकर कविता संग्रह लोगों के मन को छूने के साथ-साथ उन्हें सोचने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

मेयर ने कहा कि 'खुशियों की चाबी' केवल कविताओं का संग्रह नहीं है, बल्कि इसमें समाज के विभिन्न पहलुओं को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक हल्के-फुल्के अंदाज में कई गंभीर सामाजिक मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करती है। इसमें इंसान के स्वार्थ, लालच, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।

उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार बलवान करिवाल के लेखन की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुस्तक में प्यार, व्यंग्य, राष्ट्रभक्ति और जीवन के अनुभवों के कई रंग देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि लेखक ने अपनी पत्रकारिता की समझ और सामाजिक अनुभवों को कविता के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का बेहतर प्रयास किया है।

प्रेस क्लब अध्यक्ष सौरभ दुग्गल ने भी पुस्तक और लेखक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज को दिशा देने और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने का माध्यम भी है। ऐसी किताबें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

पुस्तक के लेखक बलवान करिवाल ने इस अवसर पर बताया कि 'खुशियों की चाबी' लिखने के पीछे उनका उद्देश्य लोगों को यह एहसास कराना है कि खुशियां किसी बड़ी उपलब्धि या धन-दौलत में ही नहीं होतीं, बल्कि जीवन के छोटे-छोटे पलों में भी छिपी होती हैं। जरूरत सिर्फ उन्हें पहचानने और महसूस करने की होती है।

उन्होंने बताया कि इस कविता संग्रह में बचपन की यादें, मां की रसोई की खुशबू, पिता के संघर्ष और जिम्मेदारियां, जीवन साथी का सहयोग, बच्चों के बढ़ते कदम, प्रकृति के बदलते रंग और मातृभूमि के प्रति प्रेम जैसे विषयों को जगह दी गई है।

लेखक ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग छोटी-छोटी खुशियों को नजरअंदाज कर देते हैं। यह पुस्तक उन्हें अपने आसपास मौजूद सुखद अनुभवों को दोबारा महसूस करने का मौका देती है। संग्रह की कविताओं में कहीं जीवन से संवाद है तो कहीं तकनीक के बढ़ते प्रभाव से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।

'खुशियों की चाबी' में प्रेम की भावनाओं के साथ-साथ संघर्ष, उम्मीद और संकल्प की झलक भी देखने को मिलती है। यह किताब पाठकों को केवल मनोरंजन नहीं देती, बल्कि उन्हें अपनी जिंदगी के अनदेखे पहलुओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी पुस्तक की सराहना की और कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय बलवान करिवाल ने साहित्य के माध्यम से समाज को एक नया संदेश देने का प्रयास किया है। उन्होंने अपनी लेखनी के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि असली खुशियां बाहरी चीजों में नहीं, बल्कि हमारे अनुभवों, रिश्तों और संवेदनाओं में छिपी होती हैं।

कुल मिलाकर 'खुशियों की चाबी' एक ऐसा कविता संग्रह बनकर सामने आया है, जो पाठकों को जीवन के सकारात्मक पहलुओं से जोड़ने का काम करेगा। मेयर सौरभ जोशी ने भी इस प्रयास को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया और लेखक को शुभकामनाएं दीं।

Tags:    

Similar News