बब्बर खालसा केस में आरोप तय, हथियार पहुंचाने का आरोप

Update: 2026-07-10 14:03 GMT

मोहाली। प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े आतंकी नेटवर्क मामले में मोहाली की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 10 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं। अब इन सभी आरोपियों के खिलाफ नियमित रूप से मुकदमे की सुनवाई शुरू होगी।

मामला सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी, आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती, नशीले पदार्थों की बरामदगी और विदेश में बैठे कथित हैंडलरों से जुड़े नेटवर्क से संबंधित है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपी पंजाब में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने और अवैध हथियार पहुंचाने की साजिश में शामिल थे।

अदालत ने तय किए आरोप

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज हरदीप सिंह की अदालत ने 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इनमें शकील अहमद उर्फ लाडी गुज्जर, लवप्रीत सिंह उर्फ लाबू, सरूप सिंह उर्फ रूप उर्फ घुला, सहजप्रीत सिंह उर्फ निरवैर सिंह उर्फ सनी, अमरजीत सिंह उर्फ निक्का, करणवीर सिंह उर्फ राजा, विशालदीप सिंह, शरणजीत सिंह उर्फ सनी, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और सुखविंदर सिंह उर्फ सुख शामिल हैं।

इन आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए, भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

ड्रोन से हथियार पहुंचाने का आरोप

अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर एक आतंकी मॉड्यूल तैयार किया था। इस नेटवर्क को विदेश में बैठे कथित हैंडलरों से सहायता मिल रही थी। आरोप है कि ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामग्री पंजाब तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य पंजाब में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना और युवाओं को अपने साथ जोड़ना था। इसके अलावा नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों की भी जांच की गई।

विदेश में बैठे हैंडलरों से संपर्क की जांच

मामले की जांच के दौरान एजेंसियों ने आरोप लगाया कि कुछ आरोपी विदेश में बैठे लोगों के संपर्क में थे। इन कथित हैंडलरों के माध्यम से नेटवर्क को दिशा-निर्देश और सहायता मिलने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का विस्तार कहां तक था और इसमें कितने अन्य लोग जुड़े हुए हैं। मामले में आगे की जांच और सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

यूएपीए समेत कई धाराओं में मामला

आरोपियों के खिलाफ यूएपीए, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है। इन कानूनों के तहत आतंकी गतिविधियों, अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है।

अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब अभियोजन पक्ष अपने सबूत पेश करेगा और इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से पंजाब में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और विदेशों से संचालित मॉड्यूल पर नजर रख रही हैं। ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स पहुंचाने की घटनाओं के बाद एजेंसियों ने ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज किया है।

मोहाली अदालत का यह फैसला आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी।

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