चंडीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार, 20 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे। संगरूर और गुरदासपुर में भी नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिजनों से मिलने का कार्यक्रम है। दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब झोटा की हत्या और अन्य घटनाओं को लेकर राज्य में न्याय, जांच और नशे के कारोबार पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। परिवारों की बात सुनना इस यात्रा का प्रमुख हिस्सा होगा। 
दोपहर 12 बजे मानसा पहुंचने का कार्यक्रम
जारी कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह सबसे पहले दोपहर 12 बजे मानसा पहुंचेंगे। यहां उनकी मुलाकात परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से प्रस्तावित है। इसके बाद दोपहर 1:15 बजे संगरूर और दोपहर 3:15 बजे गुरदासपुर जाने का समय बताया गया है। तीनों पड़ावों पर अलग-अलग परिवारों से बातचीत होगी। मानसा में झोटा के परिवार, संगरूर में गुलजार सिंह के परिजनों और गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात प्रस्तावित है। ये निर्धारित समय हैं; दौरे के दौरान किसी बदलाव की स्थिति में प्रशासन की नवीनतम सूचना महत्वपूर्ण होगी।
जानिए प्रमुख मुलाकातों का समय और स्थान
समय जिला प्रस्तावित कार्यक्रम
दोपहर 12:00 बजे मानसा वार्ड नंबर 21, वाटर वर्क्स रोड पर परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात
दोपहर 1:15 बजे संगरूर तूर बंजारा गांव की हरदम पट्टी में गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात
दोपहर 3:15 बजे गुरदासपुर श्री हरगोबिंदपुर क्षेत्र के माड़ी पन्नवां गांव में बिक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात
कार्यक्रम की उपलब्ध समय-सारणी में मानसा के बाद संगरूर और फिर गुरदासपुर का क्रम दिया गया है। परिवारों से मुलाकात के इन पड़ावों के अतिरिक्त अन्य कार्यक्रमों के समय की स्पष्ट पुष्टि उपलब्ध नहीं है। jagran.com
13 अक्टूबर को हुई थी परविंदर झोटा की हत्या
मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना एक मेडिकल स्टोर पर हुई थी। परिवार और समर्थकों का आरोप है कि नशे की बिक्री का विरोध करने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद झोटा के लिए न्याय की मांग तेज हुई। हत्या की जांच, आरोपियों की जवाबदेही और नशा विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, अपराध की वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से होगा।
पिता भीम सिंह ने की स्वागत की अपील
परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने गृह मंत्री के दौरे का स्वागत करने की बात कही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि परिवार को न्याय दिलाने के उद्देश्य से मिलने आने वाले नेताओं का विरोध न किया जाए। भीम सिंह ने परिवार से निजी तौर पर बातचीत करने की इच्छा भी जताई है। उनका कहना है कि मुलाकात घर पर या किसी अन्य निजी स्थान पर हो सकती है। उन्होंने इस संवाद से अपने बेटे के मामले में न्याय की उम्मीद व्यक्त की है। परिवार का ध्यान जांच और उनकी मांगों पर ठोस कदम उठाए जाने पर है। 
एक्शन कमेटी और परिवार के रुख में अंतर
झोटा हत्याकांड को लेकर बनी एक्शन कमेटी ने अमित शाह के दौरे पर आपत्ति जताई है। कमेटी का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में केंद्र सरकार की भी जिम्मेदारी है और उसे इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।दूसरी ओर, झोटा के पिता ने साफ किया है कि उनके लिए प्राथमिकता बेटे को न्याय दिलाना है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के सामने सीबीआई जांच की मांग रखने की बात भी कही है। फिलहाल ऐसी किसी जांच की मंजूरी की घोषणा नहीं हुई है। मांग उठाने और जांच हस्तांतरित होने को अलग घटनाक्रम के रूप में देखना जरूरी है। 
अन्य दो परिवारों से भी होगी बातचीत
गुरदासपुर के माड़ी पन्नवां गांव में बिक्रमजीत सिंह की हत्या के मामले को लेकर भी नशे के विरोध का मुद्दा सामने आया है। संगरूर में गुलजार सिंह की मौत के बाद परिवार ने धमकियों और नशे की शिकायत से संबंधित आरोप लगाए थे। शाह इन परिवारों से उनकी बात सुनेंगे। इन मामलों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। इन्हें एक साझा आपराधिक साजिश का हिस्सा बताने वाली पुष्टि सामने नहीं आई है। प्रस्तावित मुलाकातों से परिवारों की मांगों और उनकी चिंताओं को गृह मंत्री के सामने सीधे रखने का अवसर मिलेगा।
नशे और कानून-व्यवस्था पर बढ़ी राजनीतिक बहस
दौरे से पहले भाजपा ने पंजाब सरकार पर नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल भी इन मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से संबंधित घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई है।  आज की मुलाकातों के बाद गृह मंत्री की प्रतिक्रिया और परिवारों की मांगों पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। किसी सहायता, जांच या नई व्यवस्था की घोषणा होने पर ही उसका निश्चित विवरण स्पष्ट होगा।
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