चंडीगढ़। पंजाब में नशीले पदार्थों की बढ़ती समस्या को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पंजाब विधानसभा के सदस्य परगट सिंह ने राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी, हिंसक घटनाओं और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य में नशे का कारोबार लगातार फैल रहा है, जबकि सरकार इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने में नाकाम साबित हो रही है।परगट सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा करते हुए पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सामने आई घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने मानसा, श्री हरगोबिंदपुर साहिब और लुधियाना की घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य में कानून व्यवस्था और नशीले पदार्थों की तस्करी की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
नशा तस्करों को संरक्षण मिलने का लगाया आरोप
परगट सिंह ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि पंजाब में नशीले पदार्थों के तस्करों को कथित तौर पर राजनीतिक और पुलिस संरक्षण मिल रहा है। उनके मुताबिक, इसी वजह से तस्करों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।उन्होंने लिखा कि मानसा में जो हुआ, वही स्थिति पूरे पंजाब में देखने को मिल रही है। नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों के साथ हिंसक घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बावजूद सरकार की ओर से पर्याप्त सख्ती नहीं दिखाई जा रही है।हालांकि, राजनीतिक और पुलिस संरक्षण से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
श्री हरगोबिंदपुर साहिब में तीन युवकों पर हमले का जिक्र
परगट सिंह ने श्री हरगोबिंदपुर साहिब में हुई एक हिंसक घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों ने हथियारों से तीन युवकों पर हमला किया।इस घटना को लेकर उन्होंने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियां केवल नशे की समस्या तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि इनके कारण हिंसा और आपराधिक घटनाओं को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
लुधियाना में 30 वर्षीय साहिल की मौत पर उठाए सवाल
विधायक परगट सिंह ने लुधियाना में 30 वर्षीय साहिल की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि साहिल की मौत कथित तौर पर नशीली दवाओं के सेवन के बाद हुई।इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य में मेडिकल ड्रग्स के दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि नशीले पदार्थों और दवाओं के गलत इस्तेमाल से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आने के बावजूद सरकार इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं कर पा रही है।हालांकि, साहिल की मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच और संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के आधार पर ही निर्धारित किया जा सकता है।
परिवारों की परेशानी को लेकर सरकार पर निशाना
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के अखबार नशीले पदार्थों से जुड़ी घटनाओं की खबरों से भरे पड़े हैं। राज्य में कई परिवार इस समस्या के कारण परेशान हैं, लेकिन सरकार केवल तमाशबीन बनी हुई है।उन्होंने आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग की घटनाओं का असर युवाओं के साथ उनके परिवारों और पूरे समाज पर पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
साढ़े चार साल के शासन पर उठाए सवाल
परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी के लगभग साढ़े चार साल के शासन का उल्लेख करते हुए पूछा कि इतने लंबे समय के बाद भी नशीली दवाओं का दुरुपयोग क्यों फैल रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इस स्थिति के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद भी पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या और कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा है। परगट सिंह ने इससे पहले भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की थी।
नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग
पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी, युवाओं पर हमलों और कथित नशीली दवाओं के सेवन से मौत की घटनाओं को लेकर उठे सवालों ने सरकार की जवाबदेही का मुद्दा एक बार फिर सामने ला दिया है।परगट सिंह के आरोपों के बाद नशा तस्करों के नेटवर्क पर कार्रवाई, युवाओं की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। हालांकि, उनके ताजा आरोपों पर राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हो सकी है।
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