चेन्नई: पार्टी के एक बयान के अनुसार, शनिवार को DMK सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को रद्द करने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की जगह फिर से बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की।
ये मांगें उन चार प्रस्तावों का हिस्सा थीं, जिन्हें चेन्नई में पार्टी मुख्यालय 'अन्ना अरिवलयम' के 'मुरासोली मारन मीटिंग हॉल' में DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पारित किया गया। यह बैठक शनिवार सुबह 11 बजे शुरू हुई।
संसदीय समूह ने चुनाव में कथित अनियमितताओं को दूर करने के लिए कदम उठाने की मांग करते हुए भारत के राष्ट्रपति को एक याचिका सौंपने का भी फैसला किया। इस याचिका के जरिए पार्टी मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदान प्रणाली से जुड़ी अपनी मांगों को राष्ट्रपति के सामने रखेगी।
बैठक के पहले प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग की गई। इस मांग के साथ, पार्टी ने चुनाव प्रशासन की आलोचना के केंद्र में मुख्य चुनाव आयुक्त को रखा है, और साथ ही 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया का भी विरोध किया है।
हालांकि, पार्टी द्वारा पारित प्रस्तावों में कथित अनियमितताओं के किसी विशिष्ट उदाहरण का जिक्र नहीं किया गया है, और न ही उन आधारों को स्पष्ट किया गया है जिनके चलते मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की जा रही है।
राष्ट्रपति को सौंपी जाने वाली प्रस्तावित याचिका के बारे में भी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
दूसरे प्रस्ताव में, DMK ने छात्र संगठनों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया। बैठक में इन विरोध प्रदर्शनों का औपचारिक रूप से समर्थन किया गया, हालांकि प्रस्ताव में यह नहीं बताया गया कि इसमें कौन से संगठन शामिल हैं, उनकी विशिष्ट मांगें क्या हैं, या ये प्रदर्शन कहाँ हो रहे हैं।
तीसरे प्रस्ताव में कांग्रेस और 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) की निंदा की गई और दोनों पार्टियों पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया गया। प्रस्तावों के संक्षिप्त विवरण में यह नहीं बताया गया कि किन बयानों या कार्यों के कारण यह आलोचना की गई है।
चौथा प्रस्ताव चुनाव से जुड़ी पार्टी की चिंताओं को लेकर राष्ट्रपति के पास जाने पर केंद्रित था। इसमें मुख्य रूप से 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को पूरी तरह रद्द करने, EVM की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने और राष्ट्रपति को याचिका सौंपने की मांग की गई।
कुल मिलाकर, इन प्रस्तावों में चुनाव प्रशासन, छात्र विरोध प्रदर्शनों और कांग्रेस तथा TVK की आलोचना को लेकर DMK संसदीय समूह का रुख सामने आया है। बैठक के फैसलों में चुनावी मुद्दों को प्रमुखता दी गई। इसमें भारत के चुनाव आयोग के प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की मांग के साथ-साथ, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदान प्रक्रियाओं में बदलाव की मांग भी शामिल थी।