चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर निगम आयुक्त जीएस समीरन ने सोमवार को बताया कि मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों से निपटने के लिए लगभग 15 हजार कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में जलनिकासी के लिए सैकड़ों पंप सेट और जेसीबी सहित अन्य आवश्यक मशीनों की व्यवस्था की गई है।नगर निगम का मुख्य उद्देश्य भारी बारिश के दौरान सड़कों, रिहायशी इलाकों और निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को कम करना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जाएं।
15 हजार कर्मचारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
नगर निगम आयुक्त जीएस समीरन ने बताया कि उत्तर-पूर्वी मानसून को देखते हुए कर्मचारियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई, जलनिकासी और आपातकालीन सहायता से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि निगम की टीमें बारिश से प्रभावित इलाकों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।भारी बारिश के बाद चेन्नई में जलनिकासी अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम के 15 हजार से अधिक कर्मचारी सड़कों, सबवे और आवासीय क्षेत्रों में जमा पानी निकालने के कार्य में लगाए गए हैं।
जलनिकासी के लिए सैकड़ों पंप सेट तैयार
समीरन ने बताया कि निगम ने अलग-अलग क्षमता के पंप सेट तैयार रखे हैं। उनके अनुसार, इनमें लगभग 500 मध्यम क्षमता वाले पंप और 150 उच्च क्षमता वाले पंप शामिल हैं।इनके अलावा जेसीबी और अन्य आवश्यक वाहनों को भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। इन उपकरणों का उपयोग बारिश के बाद जमा पानी निकालने और जलनिकासी व्यवस्था में आने वाली बाधाओं को दूर करने में किया जाएगा।नगर निगम ने व्यापक तैयारियों के तहत 1,320 मोटर पंप स्टैंडबाय पर रखने की भी जानकारी दी है। अलग-अलग रिपोर्टों में सक्रिय तैनाती और कुल उपलब्ध पंपों के आंकड़े अलग हैं।
मौसम की अनिश्चितता बनी बड़ी चुनौती
नगर निगम आयुक्त जीएस समीरन ने इस वर्ष उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान मौसम में अनिश्चितता रहने की आशंका व्यक्त की है।उन्होंने प्रशांत महासागर में तापमान बढ़ने और अल नीनो जैसी जलवायु परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका प्रभाव वैश्विक मौसम प्रणाली पर पड़ सकता है।समीरन के अनुसार, इस वर्ष मानसून के दौरान बारिश के समय, स्थान और तीव्रता का अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा कि मौसम की अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए नगर निगम सभी आवश्यक तैयारियां कर रहा है।हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान कुल वर्षा सामान्य रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी खास दिन या इलाके में अत्यधिक बारिश नहीं हो सकती।
शहर में 219 जलभराव संभावित स्थान चिह्नित
नगर निगम ने चेन्नई में 219 ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां भारी बारिश के दौरान जलभराव का खतरा अधिक रहता है।इन क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मशीनें उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।नगर निगम ने आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए 217 राहत केंद्र तैयार रखे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कुछ केंद्र जरूरतमंद लोगों के लिए पहले ही खोल दिए गए थे।शहर में राहत और बचाव कार्यों के लिए 1,189 उपकरणों की तैनाती की जानकारी भी दी गई है।
बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है।नगर निगम ने बारिश के दौरान पेड़ गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए कमजोर और खतरनाक शाखाओं की छंटाई भी की है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 75 हजार से अधिक संभावित खतरनाक शाखाओं को हटाया जा चुका है।
भारी बारिश के बाद बढ़ी प्रशासन की सतर्कता
चेन्नई में हाल ही में हुई तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई थी। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा दर्ज होने के बाद नगर निगम ने राहत कार्य तेज किए।रविवार को शहर में औसतन लगभग 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में इससे कहीं अधिक वर्षा हुई। इसके बाद प्रशासन ने जलनिकासी और बाढ़ नियंत्रण संबंधी तैयारियों की समीक्षा की।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
नगर निगम प्रशासन ने लोगों से भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।चेन्नई नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर आपातकालीन शिकायत हेल्पलाइन 1913 भी उपलब्ध है।फिलहाल नगर निगम का ध्यान जलभराव रोकने, सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने और बारिश से प्रभावित लोगों को समय पर सहायता पहुंचाने पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार कर्मचारियों और उपकरणों की तैनाती में बदलाव किया जा सकता है।
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