चेन्नई: रोजगार और प्रशिक्षण निदेशालय ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे ट्रांसफर, प्रमोशन या सेवा से जुड़े अन्य मामलों के लिए, उचित आधिकारिक प्रक्रिया का पालन किए बिना, सीधे मंत्रियों, विधायकों या मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क न करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसा करना कदाचार माना जाएगा और इसके लिए 'तमिलनाडु सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम' के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

22 अक्टूबर को जारी एक सर्कुलर में, अतिरिक्त निदेशक राजशेखर ने कहा कि कुछ कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख या विभाग प्रमुख से संपर्क किए बिना, सीधे मंत्रियों के कार्यालयों या अन्य जगहों पर अपनी अर्जी दे रहे थे।

सर्कुलर में 'तमिलनाडु सरकारी कर्मचारी आचरण नियम, 1973' के नियम 18 का हवाला दिया गया है। यह नियम सरकारी कर्मचारियों को अपनी सेवा से जुड़े मामलों में मनचाहा फैसला पाने के लिए राजनीतिक या बाहरी प्रभाव का इस्तेमाल करने से रोकता है।

 

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