मेकेदातु परियोजना पर तमिलनाडु सरकार का दोहराया विरोध, मंत्री बोले- कावेरी के अधिकारों से समझौता नहीं
Tiruvarur तिरुवरूर। तमिलनाडु के मंत्री पी. विश्वनाथन ने मेकेदातु परियोजना को लेकर राज्य सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि तमिलनाडु ने कभी भी इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार का समर्थन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य के कानून मंत्री एन. निर्मल कुमार ने इस संबंध में कोई बयान दिया है, तो वह सरकार के रुख के अनुरूप और उचित है।
तिरुवरूर में मीडिया से बातचीत के दौरान पी. विश्वनाथन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार कावेरी नदी के जल बंटवारे से जुड़े अपने अधिकारों को लेकर हमेशा मुखर रही है और भविष्य में भी रहेगी। उन्होंने कहा कि जब भी तमिलनाडु के अधिकारों का हनन होगा, राज्य के लोगों की आजीविका प्रभावित होगी या कावेरी जल में तमिलनाडु के हिस्से को नुकसान पहुंचाने की कोशिश होगी, तब सरकार पूरी मजबूती से इसका विरोध करेगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने दोहराया कि कावेरी जल तमिलनाडु के लाखों किसानों की जीवनरेखा है और इसके अधिकारों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।
मेकेदातु परियोजना लंबे समय से कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद का विषय रही है। तमिलनाडु का कहना है कि इस परियोजना से राज्य को मिलने वाले कावेरी जल पर असर पड़ सकता है, जबकि कर्नाटक इसे पेयजल और अन्य आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताता रहा है। दोनों राज्यों के बीच इस मुद्दे पर समय-समय पर राजनीतिक और कानूनी बहस होती रही है।