चेन्नई: जेल से कैदियों के भागने की कई घटनाओं के बाद, राज्य जेल विभाग ने पूरे तमिलनाडु में 'आउट-गैंग ड्यूटी' (जेल के बाहर काम करने की व्यवस्था) को सस्पेंड कर दिया है। पेट्रोल पंप, जेल बाजार, पोल्ट्री यूनिट और बगीचों में काम कर रहे कैदियों को वापस अपनी-अपनी जेलों में लौटने का निर्देश दिया गया है, ताकि उनके आचरण और बैकग्राउंड की समीक्षा की जा सके। सूत्रों के अनुसार, यह आदेश सभी नौ केंद्रीय जेलों में लागू किया गया है।
हर जेल में आमतौर पर 30-40 कैदियों को उनके व्यवहार और आचरण के आधार पर 'आउट-गैंग ड्यूटी' पर तैनात किया जाता है। 24 घंटे चलने वाले पेट्रोल पंपों पर कैदी तीन शिफ्ट में काम करते हैं, और इस काम की निगरानी के लिए कम से कम सात स्टाफ सदस्यों की जरूरत होती है। हालांकि, स्टाफ की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है; सूत्रों का कहना है कि अक्सर एक ही स्टाफ सदस्य को लगभग 500 कैदियों की निगरानी करनी पड़ती है।
'आउट-गैंग ड्यूटी' सस्पेंड होने के कारण, समीक्षा पूरी होने तक पेट्रोल पंप, पोल्ट्री यूनिट और जेल बाजार बंद रहेंगे। इस रोक का असर विभाग की दीपावली की बिक्री पर भी पड़ सकता है। विभाग ने हर केंद्रीय जेल के जेल बाजारों में बेचने के लिए शिवकाशी से लगभग 500 बॉक्स पटाखे मंगवाए थे। सूत्रों ने बताया कि समीक्षा पूरी होने तक इनकी बिक्री भी रोक दी गई है।
10 साल की स्कूली छात्रा के यौन उत्पीड़न का आरोपी, 61 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक, शनिवार को कोलाथुर के सरकारी पेरियार नगर अस्पताल से लापता हो गया। वह वहां एक हमले में लगी चोटों का इलाज करवा रहा था। शहर की पुलिस ने स्पष्ट किया कि कावंगराई निवासी डेविड नाम के इस आरोपी को न तो गिरफ्तार किया गया था और न ही पुझल पुलिस स्टेशन लाया गया था।