तेलंगाना: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार, चक्रवात से प्रभावित आंध्र प्रदेश के इलाकों में राहत कार्यों और बिजली व्यवस्था को बहाल करने में मदद के लिए आगे आई है। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार से फोन पर बात की। उन्होंने चक्रवात 'अरनाब' के असर और खराब मौसम के कारण राज्य में हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गोट्टीपति ने तेलंगाना के ऊर्जा मंत्री को अब तक हुए नुकसान, चल रहे राहत और बहाली कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में नुकसान को कम करने और प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। गोट्टीपति ने बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार चक्रवात के असर से निपटने के लिए क्या उपाय कर रही है, जिसमें बिजली आपूर्ति बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर
विशेष जोर दिया
गया है।
भट्टी विक्रमार्क ने आंध्र प्रदेश को भरोसा दिलाया कि इस स्थिति से निपटने में तेलंगाना सरकार पूरा सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो तेलंगाना सरकार बिजली बहाली के लिए जरूरी कर्मचारी और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने को तैयार है। इस मदद के आश्वासन से बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और चक्रवात से पैदा हुई समस्याओं को तेजी से सुलझाने में मदद मिलेगी।
गोट्टीपति रवि कुमार ने इस मुश्किल समय में आंध्र प्रदेश को समर्थन देने के लिए तेलंगाना सरकार और भट्टी विक्रमार्क का आभार जताया। उन्होंने एकजुटता दिखाने और बहाली कार्यों के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की पेशकश की सराहना की। ऊर्जा विभाग ने लगभग 6,000 अनुभवी कर्मचारियों को काम पर लगाया है और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है।
गोट्टीपति रवि कुमार ने पहले बताया था कि चक्रवात के बाद बहाली कार्यों का अनुभव रखने वाले अधिकारियों और फील्ड स्टाफ सहित कई अनुभवी कर्मचारियों को तैनात किया गया है। ये कर्मचारी आपातकालीन सेवाओं में मदद करेंगे और प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने का काम करेंगे।
उन्होंने बताया कि चक्रवात के सीधे असर से बाहर वाले इलाकों में छुट्टियों के नियमों में बदलाव किया गया है, ताकि पर्याप्त संख्या में कर्मचारी उपलब्ध रहें। जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा रहा है। मंत्री ने बिजली वितरण कंपनियों के अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों को फील्ड का दौरा करने और स्थिति पर बारीकी से नज़र रखने का निर्देश भी दिया। निदेशकों ने विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों में कामकाज की निगरानी की।
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