हैदराबाद: तेलंगाना में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। फॉर्म 6, 7 और 8 जमा करने की 7 अक्टूबर की समय-सीमा बीत जाने के बाद भी दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत, नए मतदाताओं के पंजीकरण और ड्राफ्ट मतदाता सूची से छूटे हुए नामों को जोड़ने के लिए फॉर्म 6 का उपयोग किया जाता है। मतदाता विवरण में सुधार के लिए फॉर्म 8 और अयोग्य मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति जताने के लिए फॉर्म 7 का इस्तेमाल होता है। तेलंगाना में इस प्रक्रिया से जुड़ी नोटिस अवधि 5 नवंबर तक जारी रहेगी।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLO) उन मतदाताओं के पास जाएंगे, जिनका डेटा सिस्टम में दर्ज नहीं है या जिनके रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं, ताकि जरूरी दस्तावेज एकत्र किए जा सकें।

इस बीच, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC), राज्य के मंत्रियों और अन्य पार्टी नेताओं ने SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा की आलोचना तेज कर दी है।

सोमवार को TPCC अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने आरोप लगाया कि धर्म और जाति के आधार पर मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कुछ ताकतों पर आरोप लगाया कि वे हमेशा सत्ता में बने रहने की साजिश रच रही हैं और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही हैं।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के जरिए 13 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल उन मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है, जो भाजपा का विरोध कर सकते हैं। उन्होंने पात्र मतदाताओं से 'ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र' (graduate constituency) चुनावों के लिए पंजीकरण कराने की अपील की और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने को कहा।

कांग्रेस हैदराबाद में एक बड़ी जनसभा करने की भी योजना बना रही है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की जाएगी।

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कांग्रेस को चुनौती दी कि वे राज्य में ऐसे किसी एक भी व्यक्ति की पहचान कराएं, जिसका नाम SIR प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से हट गया हो।

इस चुनौती का जवाब देते हुए BC कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि वे ऐसे कई लोगों को सामने लाने के लिए तैयार हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। हालांकि, सोमवार तक उन्होंने ऐसे किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया था।

वहीं, रामचंद्र राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर "वोट चोरी" के आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। सोमवार को मीडिया से बात करते हुए, रामचंद्र राव ने कहा कि ECI (चुनाव आयोग) और सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची में संशोधन से जुड़े मुद्दों को कई बार स्पष्ट किया है।

रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस अपने आरोपों को सबूतों के साथ साबित करने में नाकाम रही है और उन्होंने इन आरोपों को जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया। उन्होंने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला भी किया, उन्हें "असली चोर" कहा और 'गांधी' उपनाम के उनके इस्तेमाल पर तंज कसा।

इस घटनाक्रम ने तेलंगाना में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है, जहाँ दोनों पार्टियां अपने-अपने रुख का बचाव कर रही हैं।

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