अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पुलिस ने जंगल के अंदर कथित रूप से संचालित की जा रही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। शुकुल बाजार थाना पुलिस ने पाली के जंगल में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी जंगल में छिपकर अवैध तमंचे तैयार कर रहे थे। मौके से 11 निर्मित और पांच अर्द्धनिर्मित समेत कुल 16 तमंचे और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले बड़ी संख्या में उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यहां तैयार किए जाने वाले अवैध तमंचों की कथित तौर पर लखनऊ समेत कई जिलों में सप्लाई की जाती थी। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनके नेटवर्क तथा हथियार खरीदने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

कार्रवाई से खुश होकर अमेठी के पुलिस अधीक्षक ने अवैध शस्त्र फैक्ट्री का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

पाली के जंगल में चल रही थी फैक्ट्री

पुलिस के अनुसार शुकुल बाजार थाना क्षेत्र में अवैध हथियार बनाए जाने की सूचना मिली थी। जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और पाली के जंगल में संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया।

इसके बाद पुलिस टीम ने जंगल में छापेमारी की। मौके पर दो लोग कथित रूप से अवैध हथियार बनाते मिले। पुलिस को देखकर आरोपियों ने बचने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने दोनों को पकड़ लिया।

जंगल के भीतर जगह का चुनाव कथित रूप से इसलिए किया गया था ताकि हथियार बनाने की गतिविधि लोगों की नजर से दूर रहे। सुनसान इलाका होने के कारण यहां आने-जाने वाले लोगों की संख्या भी कम रहती है।

11 तैयार और पांच अर्द्धनिर्मित तमंचे मिले

पुलिस टीम ने मौके की तलाशी ली तो बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला। बरामदगी में 11 निर्मित तमंचे और पांच अर्द्धनिर्मित तमंचे शामिल हैं। इस तरह पुलिस ने कुल 16 तैयार और निर्माणाधीन अवैध हथियार बरामद करने का दावा किया है।

इसके अलावा मौके से अवैध तमंचे बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण और सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने सभी हथियारों और उपकरणों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

अर्द्धनिर्मित हथियारों की मौजूदगी से पुलिस का दावा है कि जंगल में हथियार बनाने का काम सक्रिय रूप से चल रहा था। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह गतिविधि कब से संचालित हो रही थी और अब तक कितने हथियार बनाकर बेचे जा चुके हैं।

लखनऊ समेत कई जिलों में सप्लाई का शक

पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण पहलू अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़ा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार यहां तैयार होने वाले तमंचे केवल अमेठी में ही नहीं, बल्कि लखनऊ सहित आसपास के कई जिलों में पहुंचाए जाते थे।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों से हथियार खरीदने वाले लोग कौन थे और इनके संपर्क में कितने लोग शामिल थे। आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कथित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सकती है।

जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

दो आरोपियों से पूछताछ

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि हथियार बनाने के लिए कच्चा माल और अन्य सामान कहां से लाया जाता था।

इसके अलावा तैयार तमंचों की कीमत, खरीदारों से संपर्क का तरीका और सप्लाई के लिए इस्तेमाल होने वाले माध्यमों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं। उनके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की जानकारी संबंधित थानों और रिकॉर्ड के माध्यम से खंगाली जा रही है।

हथियारों के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल इनके कथित नेटवर्क को लेकर है। यदि तमंचे दूसरे जिलों में भेजे जा रहे थे तो पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि इस नेटवर्क में हथियार पहुंचाने वाले और खरीदने वाले कौन-कौन लोग शामिल थे।

अवैध हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक वारदातों में होने की आशंका रहती है। ऐसे में पुलिस बरामद हथियारों की जांच भी करा सकती है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इनमें से किसी हथियार का इस्तेमाल पहले किसी अपराध में हुआ था या नहीं।

हालांकि अर्द्धनिर्मित हथियार अभी तैयार नहीं थे, इसलिए पुलिस निर्माण प्रक्रिया और उससे जुड़े सामान को भी साक्ष्य के तौर पर देख रही है।

पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम

अवैध शस्त्र फैक्ट्री का खुलासा करने वाली शुकुल बाजार पुलिस टीम के काम की पुलिस अधीक्षक ने सराहना की है। एसपी ने कार्रवाई में शामिल टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले में अवैध हथियारों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ऐसे लोगों की पहचान के लिए स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद तमंचों और हथियार बनाने वाले उपकरणों को केस प्रॉपर्टी के रूप में सुरक्षित किया गया है।

पूछताछ के बाद आरोपियों को नियमानुसार अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही पुलिस इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी कर रही है।

फिलहाल शुकुल बाजार पुलिस की कार्रवाई में जंगल से कुल 16 निर्मित और अर्द्धनिर्मित तमंचे बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े एक नेटवर्क का पता चला है। आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित फैक्ट्री से अब तक कितने हथियार बनाए गए और उनकी सप्लाई किन-किन जिलों तथा लोगों तक की गई थी।

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