पुलिस-प्रशासन के 5 कर्मियों पर गिरी गाज

Update: 2026-07-31 15:46 GMT

उत्तर प्रदेश: देवरिया जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर हुए विवाद और पथराव मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। लवकनी गांव में हुए बवाल के बाद पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही सामने आने पर एक दारोगा, दो सिपाही, एक लेखपाल और ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा ग्राम प्रधान को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मामला गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लवकनी गांव का है। यहां खलिहान की सरकारी भूमि पर बिना प्रशासनिक अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ लोगों ने जमीन पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा रखने का प्रयास किया था। इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने से रोक दिया था।

मंगलवार को एसडीएम रुद्रपुर और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे थे। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल भी तैनात कर दिया था, ताकि किसी तरह का तनाव न बढ़े। हालांकि इसके बाद भी गुरुवार को गांव में माहौल अचानक बिगड़ गया और लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

पथराव के दौरान कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की गई।

पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक अरविंद यादव, दीवान रमेश यादव और एलआइयू के सिपाही नागेश्वर सिंह को निलंबित कर दिया। वहीं एसडीएम रुद्रपुर की रिपोर्ट के आधार पर लेखपाल अरविंद कुमार पर भी कार्रवाई की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता को भी निलंबित कर दिया।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान दुर्गावती चौहान को खलिहान की भूमि पर कब्जे को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 10 थानों की पुलिस तैनात की गई है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस के अनुसार, फिलहाल गांव में हालात नियंत्रण में हैं और शांति व्यवस्था कायम है।

अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पांडेय ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। एसपी अभिजीत आर शंकर ने बताया कि पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई लापरवाही के आधार पर की गई है।

वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर बिना अनुमति किसी भी धार्मिक या सामाजिक प्रतीक की स्थापना नहीं की जा सकती। पूरे मामले की आगे भी जांच जारी है और जांच में यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

देवरिया के इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई के बाद पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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