लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नीट पेपर लीक और युवाओं के आंदोलन को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारें अहंकार में काम कर रही हैं और जनता, छात्रों तथा युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने गुरुवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में पेपर लीक होना कोई गलती नहीं बल्कि एक सुनियोजित व्यवस्था का हिस्सा लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच पेपर लीक कराने की प्रतियोगिता चल रही है कि कौन ज्यादा पेपर लीक करा सकता है। अखिलेश ने कहा कि पेपर अपने आप लीक नहीं होते बल्कि इन्हें लीक कराया जाता है, जिससे मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है।
उन्होंने नीट परीक्षा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे, समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को सदन में उठाती रहेगी और छात्रों के हक की आवाज बुलंद करती रहेगी।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं को नौकरी और आरक्षण देने से बचना चाहती है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी आज देश और प्रदेश की बड़ी समस्या है, लेकिन सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र वर्षों मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने के कारण उनकी मेहनत बेकार हो जाती है।
सपा अध्यक्ष ने युवा आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ अन्याय किया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और महिलाओं व छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस को इस तरह की कार्रवाई के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
उन्होंने सरकार पर हिटलरशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। अखिलेश ने कहा कि सादे कपड़ों में मौजूद लोगों द्वारा आंदोलनकारियों पर कार्रवाई किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक कारणों से जौहर विश्वविद्यालय को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्र परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, जबकि रामपुर में शिक्षा के संस्थान को बचाने की लड़ाई चल रही है। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को बचाना वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य के लिए जरूरी है।
हालांकि भाजपा की ओर से अखिलेश यादव के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आना बाकी है। इससे पहले भी पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठाता रहा है। वहीं सरकार लगातार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहती रही है।
नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का मुद्दा देशभर में छात्रों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है। विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है, जबकि सरकार जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दे रही है। अब इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।