कांवड़ यात्रा के बीच सहारनपुर में भाईचारे की मिसाल, सांसद ने किया शिविर का उद्घाटन

Update: 2026-08-01 11:33 GMT

सहारनपुर :   सावन माह में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा के लिए सहारनपुर जिले में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में कांवड़ियों के ठहरने, भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन किया और शिवभक्तों की सेवा कर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया।

कांवड़ सेवा शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे सांसद इमरान मसूद ने सबसे पहले शिवभक्त कांवड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और सेवा में लगे लोगों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सहयोग का भी प्रतीक है।

इमरान मसूद ने कहा कि सहारनपुर की पहचान हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी प्रेम और भाईचारे के लिए रही है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करना मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा कर भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए जाते हैं। ऐसे में रास्ते में उनकी मदद करना, उन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराना तथा आराम की सुविधा देना एक नेक कार्य है। उन्होंने सेवा शिविर में लगे सभी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे प्रयास आपसी विश्वास और सद्भाव को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान सांसद ने कांवड़ियों से भी बातचीत की और उनकी यात्रा को लेकर जानकारी ली। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित यात्रा की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सेवा शिविर से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सहारनपुर में हर साल सावन के दौरान कांवड़ियों के लिए कई सेवा शिविर लगाए जाते हैं। इनमें सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों की ओर से बढ़-चढ़कर भागीदारी की जाती है। इन शिविरों का उद्देश्य दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान राहत पहुंचाना होता है।

प्रशासन की ओर से भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर का माहौल धार्मिक उत्साह के साथ-साथ सामाजिक एकता का संदेश भी देता है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं, जिससे आपसी संबंध और मजबूत होते हैं।

सांसद इमरान मसूद ने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में एक-दूसरे की मदद करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों के बीच विश्वास बढ़ता है।

कांवड़ सेवा शिविर के उद्घाटन के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस पहल की सराहना की। आयोजकों ने बताया कि पूरे सावन माह के दौरान शिविर में कांवड़ियों की सेवा जारी रहेगी और श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

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