मेरठ : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि देश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन परीक्षाओं से करोड़ों युवाओं के सपने और भविष्य जुड़े होते हैं।
आजाद समाज पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक ज्ञापन या औपचारिक मांग नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्र-छात्राओं की चिंता और उम्मीदों से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता या पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय करती हैं और पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि देशभर में लाखों युवा सरकारी नौकरियों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। छात्र-छात्राएं अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं। वहीं, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार भी अपने बच्चों की पढ़ाई और तैयारी के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से बड़ा योगदान देते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होने से न केवल छात्रों का मनोबल टूटता है, बल्कि उनके परिवारों की उम्मीदों को भी बड़ा झटका लगता है।
आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने सरकार से मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को उनका उचित अवसर मिल सके।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि युवाओं का भरोसा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि बार-बार परीक्षा संबंधी विवाद सामने आते हैं तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने परीक्षा आयोजन से जुड़े सभी स्तरों पर निगरानी बढ़ाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग की।
पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि देश का युवा वर्ग राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में उनके भविष्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और प्रतियोगी परीक्षाओं में विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मेरठ में आजाद समाज पार्टी के इस रुख के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवाओं के हितों और शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।