लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पार्टी ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी सूची में कुल 712 नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें 548 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी को स्थायी आमंत्रित सदस्यों में स्थान दिया गया है।
पीएम मोदी और सीएम योगी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी
भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है। स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल हैं।इसके अलावा पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, कमलेश पासवान, जितिन प्रसाद, एसपी सिंह बघेल और कीर्तिवर्धन सिंह को भी स्थान मिला है।भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में स्मृति ईरानी, रेखा वर्मा, मुख्तार अब्बास नकवी, लक्ष्मीकांत बाजपेयी, स्वतंत्र देव सिंह और भूपेंद्र सिंह चौधरी के नाम भी स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची में शामिल हैं।
548 सदस्यों की कार्यसमिति में क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
भाजपा ने नई प्रदेश कार्यसमिति में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और जिलों के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया है। पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ब्रज, गोरखपुर और अन्य क्षेत्रों के नेताओं को संगठन में शामिल किया है।पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, हापुड़ और शामली सहित कई जिलों के नेताओं को कार्यसमिति में जगह मिली है।वहीं, ब्रज क्षेत्र के आगरा, मथुरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद और हाथरस जैसे जिलों से भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। संगठन में क्षेत्रीय भागीदारी बढ़ाने को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
30 अक्टूबर को लखनऊ में होगी महत्वपूर्ण बैठक
नई कार्यसमिति की घोषणा के बाद अब भाजपा की नजर 30 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति बैठक पर है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी बैठक में भाग ले सकते हैं।बैठक में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों की दिशा तय करने के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
134 विशेष आमंत्रित सदस्यों को भी मिली जगह
प्रदेश कार्यसमिति के साथ भाजपा ने 134 विशेष आमंत्रित सदस्यों की भी घोषणा की है। इस सूची में अरुण सिंह, राधा मोहन दास अग्रवाल, गौरव भाटिया, बेबी रानी मौर्य और सुरेश खन्ना सहित कई नेताओं को शामिल किया गया है।पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं के अनुभव के साथ संगठन में सक्रिय पदाधिकारियों को भी प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। इस व्यापक कार्यसमिति के जरिए भाजपा प्रदेश स्तर से लेकर जिला और क्षेत्रीय स्तर तक संगठनात्मक समन्वय बढ़ाना चाहती है।
मिशन 2027 के लिए संगठन मजबूत करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में भाजपा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ तैयारियों में जुटी है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य में भाजपा की सीटें घटने के बाद संगठनात्मक गतिविधियों और बूथ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, भाजपा के सामने संगठन को सक्रिय रखने, विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने और स्थानीय नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने जैसी चुनौतियां हैं।नई कार्यसमिति की घोषणा को इन्हीं तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि आगामी चुनावों के लिए पार्टी की विस्तृत रणनीति का स्वरूप प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद अधिक स्पष्ट हो सकता है।भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। अब सभी की नजर लखनऊ में होने वाली बैठक और उसमें लिए जाने वाले संगठनात्मक फैसलों पर रहेगी।
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