Rampur विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माणों पर शिकंजा

Update: 2026-07-15 14:56 GMT

Rampur रामपुर :  रामपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माण और भू-उपयोग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत रामपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बिना स्वीकृत नक्शे के बनाए गए 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27(1) के तहत की गई है।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने मामले में लंबी सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद यह फैसला लिया है। प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दिए गए तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों के लिए संबंधित सक्षम निकाय से नक्शे की मंजूरी लेना जरूरी था।

रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्रीय अवर अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में हुए निर्माणों की जांच शुरू की गई थी। जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने 8 जुलाई को नोटिस के जवाब में अपना पक्ष रखा था। इसके बाद 15 जुलाई को मामले में व्यक्तिगत सुनवाई आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय प्रबंधन, विकास प्राधिकरण के अधिकारी और विधिक सलाहकार मौजूद रहे। दोनों पक्षों को सुनने और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया।

सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से तर्क दिया गया था कि ग्राम सिंगनखेड़ा 27 सितंबर 2024 से पहले रामपुर विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में शामिल नहीं था। इसलिए उस समय प्राधिकरण से नक्शा पास कराने की आवश्यकता नहीं थी। हालांकि, प्राधिकरण ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

आदेश में कहा गया कि भले ही कोई क्षेत्र बाद में विकास प्राधिकरण के अधीन आया हो, लेकिन निर्माण के समय संबंधित सक्षम स्थानीय निकाय से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। जांच में जिला पंचायत रामपुर से मिले दस्तावेजों के आधार पर सामने आया कि विश्वविद्यालय परिसर में केवल मेडिकल कॉलेज भवन और अकादमिक ब्लॉक के नक्शे स्वीकृत थे।

प्राधिकरण ने कहा कि शेष 38 भवनों के निर्माण के लिए कोई वैध अनुमति या नक्शा स्वीकृति नहीं ली गई थी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्माण की अनुमति लेने की जानकारी थी, क्योंकि उसने दो प्रमुख भवनों के लिए जिला पंचायत से स्वीकृति प्राप्त की थी। इसके बावजूद अन्य भवन बिना अनुमति के बनाए गए।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा-59 का हवाला देते हुए कहा कि किसी क्षेत्र के बाद में विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल होने से पहले हुए अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय की ओर से मास्टर प्लान, जोनल प्लान और अन्य कानूनी प्रावधानों को लेकर दिए गए तर्कों को गलत व्याख्या बताते हुए खारिज कर दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि किसी भी निर्माण की वैधता का आधार केवल सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त स्वीकृति ही होती है।

अब रामपुर विकास प्राधिकरण के इस आदेश के बाद जौहर विश्वविद्यालय परिसर के 38 भवनों पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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