Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली थाना क्षेत्र में एक पशु की हत्या कर उसके अवशेष खेत में फेंके जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाकर अवशेषों की सैंपलिंग कराई, ताकि पशु की मौत के कारणों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके। इसके बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पशु के अवशेषों को दफना दिया गया। मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला खतौली थाना क्षेत्र के ग्राम अतरपुरा के जंगल का है। पुलिस चौकी क्षेत्र भूड़ में तैनात उपनिरीक्षक अनिल कुमार तोमर 18 जुलाई 2026 को अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम शेखपुरा निवासी विशाल पुत्र सुरेंद्र सैनी ने पुलिस को सूचना दी कि अतरपुरा गांव के जंगल में एक खेत में किसी पशु के अवशेष पड़े हुए हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को अतरपुरा से मड़करीपुर जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित एक ईख के खेत में पशु के अवशेष मिले। पुलिस के मुताबिक, ये अवशेष सड़क से करीब दस कदम अंदर खेत में पड़े हुए थे। प्रथम दृष्टया अवशेष करीब तीन से चार दिन पुराने प्रतीत हो रहे थे।
पुलिस ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने पशु की हत्या करने के बाद उसके अवशेषों को लाकर खेत में फेंक दिया। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया। पशु चिकित्सक ने अवशेषों की जांच कर आवश्यक नमूने लिए। इन सैंपलों को जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि पशु की मौत किस कारण से हुई थी और घटना में किसी तरह की आपराधिक गतिविधि शामिल थी या नहीं।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों से सहयोग लिया। इसके बाद पशु के अवशेषों को नियमानुसार दफना दिया गया। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
उपनिरीक्षक अनिल कुमार तोमर की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 3/11 के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है।
खतौली थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े संभावित साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। खेत के आसपास लगे कैमरों, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी और अन्य माध्यमों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है, वहीं प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।