लखनऊ : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था
का केंद्र है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले दान और चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आस्था से जुड़े मामले में सख्ती का संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी व्यक्ति को चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के दायरे से बाहर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अनियमितता या चोरी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।
मंदिर व्यवस्था पर रखी जा रही नजर
राम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से चढ़ावे की व्यवस्था, रिकॉर्ड और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचा जा सके।
जांच प्रक्रिया जारी
मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर की व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और श्रद्धालुओं के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
श्रद्धालुओं के भरोसे को बनाए रखना लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। इसलिए यहां की हर व्यवस्था पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संचालित होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की भावनाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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